Bhopal,रवि अवस्थी(janprachar.com) मध्यप्रदेश में अब मनमाने तरीके से सड़कों की खुदाई करना,पेड़ काटना या मकान मालिक की अनुमति बिना उनके मकानों की दीवार लेखन करना अब महंगा पड़ेगा। ऐसा करने पर नगरीय निकाय के सक्षम अधिकारी मौके पर ही पांच हजार रुपए तक का जुर्माना लगाकर इसकी वसूली कर सकेंगे।
दरअसल, मप्र सरकार ने इसे लेकर अब नए नियम बनाए हैं। इससे संबंधित जन विश्वास विधेयक 2024 गुरुवार को राज्य विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया। राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद इसे नए साल में लागू किए जा सकता है।
मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र का गुरुवार को चौथा व अंतिम दिन कई मायनों में काफी खास रहा। कार्यवाही के दौरान जन विश्वास विधेयक समेत अन्य आधा दर्जन विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें माल और सेवाकर संशोधन ,मप्र विधानसभा अध्यक्ष तथा उपाघ्यक्ष वेतन एवं भत्ता संशोधन विधेयकमप्र नगर पालिक निगम संशोधन विधेयक 2024 मप्र निजी विद्यालय संशोधन विधेयक 2024 शामिल हैं।
मप्र निजी विद्यालय संशोधन विधेयक
जन विश्वास बिल की ही तरह मप्र निजी विद्यालय संशोधन विधेयक भी आमजन के लिहाज से काफी खास है। इसके तहत प्रदेश के निजी विद्यालयों की फीस को नियंत्रित किया जा सकेगा। संशोधित अधिनियम में प्रावधान किया गया कि निजी विद्यालय अब बस यानी परिवहन शुल्क अलग से नहीं वसूल सकेंगे।
यह शुल्क विद्यालय के वार्षिक शुल्क का ही हिस्सा होगी। इसी तरह,25 हजार से अधिक वार्षिक शुल्क वाले विद्यालय को 15फीसद से अधिक शुल्क वृद्धि करने से पहले संबंधित फीस नियंत्रण समिति से इसकी मंजूरी लेनी होगी। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राज्य स्तरीय समिति के अध्यक्ष होंगे। फीस नियंत्रण सहित निजी विद्यालयों को लेकर अन्य गाइड लाइन भी विधेयक में तय की गई हैं।
सर्वसम्मति से पारित
सभी विधेयक सामान्य चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित किए गए। हालांकि जन विश्वास विधेयक को लेकर कांग्रेस के फूल सिंह बरैया ने कहा कि यह बिल जल्दबाजी में लाया गया है। इसे लाने से पहले आमजन से भी विमर्श किया जाना चाहिए था। यह संविधान सम्मत नहीं है।
सदन में आज मध्य प्रदेश विधानसभा नेता प्रतिपक्ष वेतन तथा भत्ता संशोधन विधेयक 2024 भी सर्वसम्मति से पारित हुआ। इसमें प्रावधान किया गया कि विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष वेतन तथा भत्ते से होने वाली आमदनी पर लगने वाले इनकम टैक्स की राशि अब स्वयं अपने पास से जमा करेंगे। सभी विधेयक विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल और ध्यानाकर्षण के बाद सर्वसम्मति से पारित किए गए।
संसद का मामला सदन में भी छाया
सत्र के चौथे दिन भी विपक्ष के तेवर आक्रामक रहे। संसद में बाबा साहब अंबेडकर को लेकर दिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर मध्यप्रदेश विधानसभा में गुरुवार को भी हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की फोटो हाथों में लेकर जमकर नारेबाजी की। विपक्षी सदस्य दो दिन पहले लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए एक बयान का विरोध कर रहे थे।
राहुल गांधी पर लगाए गए आरोप
विपक्षी सदस्यों ने केंद्रीय गृहमंत्री के बयान को डॉ. अंबेडकर का अपमान बताया और शाह से माफी मांगने की मांग की। इससे पहले दोपहर में भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संसद में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ हुई संसद में हुई कथित धक्का-मुक्की और राहुल गांधी पर लगाए गए आरोप पर चर्चा की मांग की। इस पर अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इनकार कर दिया।
वहीं,सत्ता पक्ष से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और राकेश सिंह ने इसका विरोध किया। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वस्तु स्थिति मीडिया में चल रही है कि वहां संसद में जो नेता प्रतिपक्ष हैं उन्होंने भाजपा सांसद को धक्का दिया। यह शर्मनाक बात है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से इस बात के लिए माफी मांगने की मांग की। इसके बाद कांग्रेस ने सदन से वाक आउट कर दिया।
सदन के बाहर भी प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सदस्यों ने विधानसभा परिसर में जल जीवन मिशन को छलावा बताते हुए पेयजल संकट को लेकर प्रदर्शन किया। विपक्षी सदस्यों का आरोप था कि ग्रामीणों को मिशन के नाम पर छला गया। नल से जल के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए लेकिन ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो रहा है।
खाद संकट पर चर्चा
सदन की कार्यवाही अपरान्ह तीन बजे समवेत होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर से प्रदेश में खाद की कमी को लेकर लाए गए प्रस्ताव पर भी लंबी चर्चा हुई। अविलंब महत्व के इस विषय को अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने चर्चा के लिए स्वीकार किया और इस पर डेढ़ घंटे चर्चा का समय नियत किया। चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य विपक्षी सदस्यों से मप्र में खाद की किल्लत व किसानों को हो रही परेशानी का जिक्र करते हुए सरकार पर हमला बोला।
हत्या होने की आशंका जताई
सदन में प्रश्नकाल के बाद तीन महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षण पर भी चर्चा हुई। इनमें कटनी में एक सड़क मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर सदस्य संदीप जायसवाल,भिंड जिले में बिजली संकट पर नरेंंद्र सिंह कुशवाह रीवा जिले के सेमरिया थानान्तर्गत एक व्यक्ति की हत्या व सदस्य कैलाश कुशवाह ने आदिवासी बाहुल्य जिलों में कुपोषण की स्थिति को लेकर सरकार व सदन का ध्यान आकर्षित किया।
चर्चा के दौरान कांग्रेस के अभय मिश्रा ने जिले में कानून व्यवस्था को खराब बताते हुए स्वयं की हत्या होने की आशंका भी जताई। कांग्रेस सदस्य ने संबंधित हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। इसके जवाब में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मामले की जांच एसआईटी से कराए जाने की बात कही।
लेकिन,जब बहस लंबी खिंचने लगी तो कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने हस्तक्षेप कर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर से अनुरोध किया कि इस मामले में आसंदी से निर्देश जारी कर सीआईडी से जांच कराई जाए। इसके जवाब में मंत्री ने दोहराया कि एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद भी अगर विधायक असंतुष्ट रहते हैं तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे।
शून्यकाल में लगाए भेदभाव के आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर विपक्ष के विधायको से भेदभाव का आरोप लगाया । कांग्रेस विधायको ने शून्यकाल में यह मामला उठाते हुए अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए राशि ना मिलने के विरोध में अपना वेतन वापस लेने का प्रस्ताव दिय।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- कांग्रेस विधायकों के क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद भी स्वीकृति नहीं मिल रही है। क्षेत्र में विकास का कराया जाए। सरकार चाहे तो उनका पूरा वेतन वापस ले ले।
इसी के साथ नेता प्रतिपक्ष ने वेतन वापस लेने का प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा। शून्यकाल में अन्य सदस्यों ने भी अपने अपने क्षेत्र के मामले उठाए। गुरुवार को ही सदन में अलग-अलग विषयों को लेकर 67 याचिकाओं की भी प्रस्तुत की गई।
दिवंगत उस्ताद जाकिर हुसैन को श्रद्धांजलि
सदन में आज तबला के विख्यात दिवंगत उस्ताद जाकिर हुसैन, पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर, सत्यभानु चौहान और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ईवीएस इलागोवन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके योगदान की सराहना की गई। दिवंगतों के सम्मान में सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित रखी गई।