गाजा के अस्पतालों में चीखें, बगैर एनेस्थीसिया दिए घायलों की सर्जरी, भारत ने भेजी 6.5 टन सहायता

 

इजरायल और हमास के बीच चल रहे घमासान युद्ध में हजारों लाखों निर्दोष फिलिस्तीनी जनता भी शिकार हो रहे हैं। ऐसे हालत में अस्पतालों में संसाधनों की कमी से भी हजारों घायल लोग परेशान हो रहे हैं। हालत इस कदर बदतर हो गए हैं कि अस्पताल में बैंडेज की कमी होने पर घायलों को घरेलू उपयोग के कपड़े बांधे जा रहे हैं और सर्जरी के लिए घरों में उपयोग में आने वाली सुई का इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारत ने भेजी 6.5 टन चिकित्सा सहायता

गाजा पट्टी में फिलिस्तीनियों की मदद के लिए भारत ने 6.5 टन चिकित्सा सहायता और 32 टन आपदा राहत सामग्री भेजी है। समाचार एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी है कि IAF C-17 की उड़ान मिस्र में एल-अरिश हवाई अड्डे के लिए रवाना हुई। इस राहत सामग्री में आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं, सर्जिकल सामान, तंबू, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, स्वच्छता सुविधाएं, जल शुद्धिकरण टैबलेट सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।

गाजा में चारों ओर चीख पुकार

समाचार एजेंसी एपी ने जानकारी दी है कि गाजा में चारों तरफ मरीजों की चीख-पुकार मची हुई है। गाजा के अस्पतालों में बिना एनेस्थीसिया दिए ही घायलों का इलाज हो रहा है। गाजा के डॉक्टर मरते हुए लोगों को बचाने की भरपूर कोशिश में लगे हुए हैं। एनेस्थीसिया की दवा नहीं होने के कारण घायलों के अंगों को बगैर सुन्न किए ही सर्जरी की जा रही है। इस कारण अस्पतालों में भयावह चीख-पुकार की आवाजें आ रही है। इसके बावजूद घायल लोग अस्पतालों में अपने इलाज का इंतजार कर रहे हैं।

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