मप्र में बारिश: 36 जिले तरबतर,नर्मदा उफान पर,बरगी,तवा के गेट खुले,दो बहे

भोपाल। प्रदेश में मानसून एक बार पुन: सक्रिय है। शुक्रवार सुबह से ही हो रही तेज बारिश से प्रदेश के 36 जिलों में हालात असामान्य हो गए हैं। नर्मदा सहित अनेक नदियां उफान पर हैं। बांध भी लबालब हो गए हैं। इसके चलते बरगी बांध के 13 व तवा बांध के 7 गैट खोलकर इनका पानी छोड़ना पड़ा। छिंदवाड़ा में दो लोग नदी पार करते समय बह गए। इनमें एक का देर शाम तक सुराग नहीं लग सका।

मौसम विभाग के अनुसार,प्रदेश में मानसून की ​पुन: स​क्रियता की वजह बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम है। इसने मप्र को बारिश से तरबतर कर दिया है। उत्तरी बंगाल की खाड़ी और निकटवर्ती ओडिशा तट के आसपास से लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) एक्टिव है। वहीं, साइकोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी है। जिसके अगले दो दिन में ओडिशा और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने की संभावना है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन बीकानेर, शिवपुरी, सीधी, जमशेदपुर होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर गुजर रही है। इस कारण मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर है। 18 सितंबर तक यह सिस्टम एक्टिव रहेगा। इसके बाद फिर नया सिस्टम एक्टिव हो जाएगा, जो 24 सितंबर तक रहेगा।

नर्मदा सहित अनेक न​दी,नाले उफान पर

शुक्रवार सुबह से ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। विशेषकर नर्मदाघाटी क्षेत्र के जिलों में जमकर बारिश हो रही है। नर्मदापुरम में ही इस सीजन में पहली बार तवा डैम के सभी गेट को 20-20 फीट तक खोलना पड़ा है। इन गेटों से 4,08,265 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसी तरह बरगी बांध के 13 गेट भी खोले गए। तवा के कैंचमेंट एरिया बैतूल-पचमढ़ी में बारिश की वजह से डैम में तेजी से पानी की आवक हो रही, इससे नर्मदा का जलस्तर बढ़ा है। सेठानी घाट पर ही देर शाम तक तेजी से जलस्तर बढ़ा। इससे निचले क्षेत्रों में पानी भरने के आसार बन गए हैं। इसी तरह,वैनगंगा नदी उफान पर होने से संजय सरोवर बांध के 5 गेट खोले गए। प्रदेशभर में पांच से अधिक डैम के गेट खोल दिए गए हैं।

बैतूल: सतपुड़ा,पारसडोह बांध के गेट खोले,एक बहा
बैतूल में भी सुबह से बारिश हो रही है। सारणी में सतपुड़ा बांध क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तक 51 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे बांध के 14 गेट खोलने पड़े। फिलहाल 7 गेटों से 11 फीट के लेवल पर खुले रखे गए हैं। इससे तवा नदी का जलस्तर बढ़ गया। वहीं, ताप्ती पर बने पारसडोह बांध के भी 3 गेट खोले गए हैं। मुलताई में एक पुलिया पर पानी होने से जीवन बारंगे (50) नाम का शख्स नाले में बह गया। लोगों ने उसे तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मुलताई के कई रहवासी इलाकों में पानी भर गया है।

रायसेन में भी झमाझम बारिश
शुक्रवार की सुबह से ही रायसेन जिले में तेज बारिश हो रही है। सुबह 6 से 7 बजे तक 1 घंटे तेज बारिश होने से शहर की मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं। इसके साथ ही निचले घरों में पानी भरा गया। सड़कों पर पानी जमा हो जाने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छिंदवाड़ा: नाले में बहा युवक,सड़क धंसी,मकान ढहे
छिंदवाड़ा में करीब 15 घंटे से तेज बारिश का दौर जारी है। नदी-नाले उफान पर हैं। पेंच नदी का जलस्तर बढ़ने से माचागोरा डैम के सभी 8 गेट खोले गए हैं। वहीं, सौंसर में बहने वाला नाला उफान पर होने से दिलीप नाम का एक युवक बह गया। पुलिस युवक की तलाश कर रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से चांद क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के कारण परसवाड़ा के सलंगटोला में रोड धंस गई। इससे बालाघाट जिले का सिवनी से संपर्क टूट गया। जिले की महकारी नदी में उफान आने से ग्रामीण क्षेत्रों में 24 से ज्यादा कच्चे मकान ढह गए है। यहां होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीम रेस्क्यू अभियान में जुटी है। ग्रामीणों को ग्राम के सामुदायिक भवन और पंचायत भवनों में रखा गया है। ​​​​​​यहां बोर्ड पैटर्न पर हो रही तिमाही परीक्षा का 15 सितंबर को होने वाला पेपर प्रशासन ने रद्द कर दिया है।

बहते युवक को बचाया
छिंदवाड़ा के तामिया में नदी को पार करते एक युवक बह गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें युवक पुल पर पानी होने के बाद भी धीरे-धीरे उसे पार करने की कोशिश कर रहा था। आधा रास्ता तय करने के बाद युवक बह गया और पुल के नीचे गिर गया। स्थानीय लोगों ने युवक को डूबने से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।

नरसिंहपुर:सीतारेवा और शक्कर नदी भी उफान पर
नरसिंहपुर जिले में हो रही बारिश से सीतारेवा और शक्कर नदी उफान पर हैं। जिले की तहसील गोटेगांव, तेंदूखेड़ा, गाडरवारा, करेली, साईखेड़ा, सालीचौका में रात से ही बारिश जारी है। प्रशासन ने नदी किनारे रह रहे लोगों को तटों से दूर रहने की हिदायत दी है।

अभी भी 4 इंच बारिश की दरकार
प्रदेश में 1 जून से अब तक औसत 30.76 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि 34.90 इंच बारिश होना चाहिए थी। जुलाई के बाद अगस्त में सूखा रहने से ओवरऑल बारिश का आंकड़ा 12% कम है। इसमें पूर्वी हिस्से में 9% कम और पश्चिमी हिस्से में औसत से 15% कम पानी गिरा है। चूंकि, 24 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा। ऐसे में उम्मीद है कि ओवरऑल बारिश का आंकड़ा भी बढ़ जाएगा।

24 घंटे में कहां-कितनी बारिश हुई

शहर बारिश (इंच में)
मलाजखंड (बालाघाट) 6.5
सिवनी 5.7
नरसिंहपुर 4.05
छिंदवाड़ा 2.12
मंडला 1.86
उमरिया 1.84
खंडवा 1.81
खरगोन 1.67
पचमढ़ी 1.33
भोपाल शहर 1.18
जबलपुर 1.11
रायसेन 0.90
नौगांव 0.59
खजुराहो 0.57
सागर 0.51
रतलाम 0.23
भोपाल 0.21
बैतूल 0.21
सीधी 0.21
नर्मदापुरम 0.17
इंदौर 0.16
शिवपुरी 0.15
ग्वालियर 0.09
टीकमगढ़ 0.07
उज्जैन 0.07
धार 0.06
गुना 0.06
सतना 0.03
दमोह 0.03

अभी 20 जिले रेड जोन में

प्रदेश के 20 जिले रेड जोन में हैं। इनमें नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, भोपाल, दमोह, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और बालाघाट शामिल हैं। जहां औसत से 38% तक कम बारिश हुई है। भिंड में 43% ज्यादा बारिश हो चुकी है। सबसे ज्यादा बारिश की बात करें, तो नरसिंहपुर आगे हैं। अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, मंडला, निवाड़ी, सिवनी सबसे ज्यादा बारिश वाले जिलों में शामिल हैं।

कैसे रहेंगे अगले 24 घंटे

*भारी से अति भारी बारिश: भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुरकलां, इंदौर, देवास, आगर, शाजापुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और सागर जिले।

*मध्यम से भारी बारिश: जबलपुर, कटनी, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, राजगढ़, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर और गुना जिले।

* गरज-चमक के साथ हल्की बारिश: रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *