भोपाल।”लाड़ली बहना” Ladli Bahna योजना में जिन हाथों में ई—केवायसी E-KYC का जिम्मा है, वही फिलहाल काम करने को तैयार नहीं हैं। निचले स्तर का अधिकांश मैदानी अमला विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर है।
वहीं हाल ही में हुई बारिश एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे का काम भी शनिवार से शुरू किया गया।उमरिया सहित अधिकांश जिलों में ई.केवायसी का काम ही अधूरा है। ऐसे में योजनान्तर्गत फॉर्म भरे जाने का काम 25 मार्च से शुरू हो सकेगा,इस पर संदेह जताया जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रदेश में आंगनबाडियों से जुडा अमला,तहसीलदार, ग्राम रोजगार सहायक, पंचायत सचिव हड़ताल मोड में हैं। ग्राम रोजगार सहायकों के शनिवार को वापस काम पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही थी,लेकिन मांग का निराकरण नहीं होने से वे भी वापस नहीं लौटे।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र में ओलावृष्टि के कारण पटवारी सहित राजस्व अमले को शनिवार से फसलों के नुकसान के सर्वे कार्य में लगाया गया। ऐसे में अब किस स्टाफ से काम कराया जाए, फिलहाल प्रशासन के सामने यह मुश्किल है।
निजी आपरेटरों और वालेंटियरों से थोड़ा बहुत काम योजना के ई-केवायसी का काम कराया जा रहा है। इसके अलावा सर्वर डाउन को लेकर अलग परेशानी है। सर्वर बार-बार डाउन होने से महिलाएं व उनके स्वजन खुद और सीएससी सेंटर-एमपी आनलाइन पर केवायसी नहीं कर पा रहे हैं।
ज्ञात हो कि “लाड़ली बहना” योजना के तहत 25 मार्च तक ई-केवायसी का काम होना है, जिसमें समग्र पोर्टल पर केवायसी कराना है। इसके साथ ही इसी अवधि तक बैंकों में महिलाओं को आधार से खाता लिंक कराना है।
दरअसल,आधार से लिंक वाले खाते में ही डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर(DBT)के तहत एक हजार रुपये की राशि आएगी। अनेक जिलों में प्रशासन व नगरीय निकायों के माध्यम से शिविर लगाए जा रहे हैं और अमले को ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
अलग-अलग मांगों को लेकर हड़ताल, काम बंद
प्रदेशभर में आंगनबाड़ी स्टाफ, सुपरवाइजर, सीडीपीओ व परियोजना अधिकारी अपने वेतनमान व एरियर की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। आंगनबाड़ियों में भी सहयोगिनी के माध्यम से बच्चों को पोषण आहार बांटा जा रहा है, स्टाफ पूरी तरह से हड़ताल पर है।
इसके अलावा ग्राम रोजगार सहायक अवकाश पर चले गए थे और हड़ताल के मोड में आ रहे हैं।आधार केवायसी ग्राम रोजगार सहायक और पंचायत सचिव की आइडी से होना है।
आगे बढ़ सकती है E-KYC की तिथि
लाड़ली बहना योजना के लिए ई-केवायसी करने के लिए 25 मार्च तक समय निर्धारित है, इसके बाद आवेदन शुरू होंगे। ई-केवायसी में काम करने वाले स्टाफ की गैर मौजूदगी में काम कौन करेगा, तो इस कारण तिथि भी आगे बढ़ सकती है। महिलाएं खुद भी केवायसी कर रही हैं, लेकिन इसका प्रतिशत ज्यादा नहीं है।
आंगनबाड़ी स्टाफ व अन्य अमले के हड़ताल की स्थिति में वैकल्पिक माध्यम का उपयोग किया जाएगा। महिलाएं खुद भी ई-केवायसी कर रही हैं और सीएससी सेंटर व एमपी आनलाइन पर भी केवायसी हो रहा है।