रायपुर अधिवेशन:नहीं होंगे कांग्रेस में सीडब्ल्यूसी के चुनाव,आजादी के बाद अब तक सिर्फ दो बार हुए

रायपुर। छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर इलाके में कांग्रेस का 85वां महाधिवेशन जारी है। यहां पहले दिन स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हुई है। जिसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है कि महाधिवेशन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) का चुनाव नहीं होगा। फैसला लिया गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ही सदस्यों को मनोनीत करेंगे।

इस संबंध में बैठक के बाद कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने जानकारी दी है। उन्होंने यह भी बताया है कि इस महाधिवेशन मे 16 प्रावधानों और 32 नियमों में संशोधन किया जाएगा।

जयराम रमेश ने स्टीयरिंग कमेटी की बैठक के बाद पूरे महाधिवेशन को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम को सब्जेक्ट कमेटी की बैठक होगी। बैठक में 6 प्रस्तावों पर चर्चा होगी। उस पर विचार होगा। उसको मंजूरी दी जाएगी। फिर 25 और 26 इन विषयों पर चर्चा होगी। 25 फरवरी को सुबह 10.30 बजे प्रीलिमिनरी सेशन को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संबोधित करेंगे। इसके बाद 11 या 11.15 बजे पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को सेशन को संबोधित करेंगी।

25 फरवरी को सोनिया गांधी के भाषण के बाद तीन प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। जिसमें राजनीतिक, विदेशी और आर्थिक मामलों से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा होगी। 26 जनवरी को कृषि, युवा शिक्षा और रोजगार, सामाजिक न्याय प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके बाद 26 जनवरी को ही सुबह 10.30 बजे राहुल गांधी गांधी प्रीलिमिनरी सेशन को संबोधित करेंगे। 2 बजे कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का अंतिम भाषण होगा। फिर 3 बजे जनसभा होगी। जिसे राहुल संबोधित करेंगे। राहुल के साथ उस पब्लिक रैली को सोनिया गांधी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी संबोधित करेंगे।
इस वजह से चुनाव नहीं कराने का फैसला
पत्रकारों से चर्चा करते हुए जयराम रमेश ने कहा है कि आज स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हुई है। सभी सदस्यों ने अपनी राय रखी है। सर्व सम्मति से फैसला लिया गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष को यह अधिकार दिया जाए कि वह कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों को मनोनित करें। एक तो जो राजनीति हालात देश में हैं। उसका एक मिसाल कल देखने को एक मिला है। राजनीतिक चुनौतियां हैं, देश के सामने और विपक्ष की पार्टी होने के नाते, देश की स्थिति के कारण ये फैसला लिया गया है। ये फैसला सर्व सम्मति से लिया गया है। उन्होंने कहा कि आम सहमति से नहीं। सर्व सम्मति से ये फैसला लिया गया है।

हमारी पार्टी के संविधान में बड़े महत्वपूर्ण संशोधन का प्रस्ताव है। इस पर भी विचार होगा प्रीलिमिनरी सेशन में। मुझे विश्वास है कि जो हमारे पार्टी के संविधान में संशोधन का प्रस्ताव है। करीब 16 प्रावधानों में संशोधन किया जा रहा है। 32 नियमों में संशोधन का प्रस्ताव है। आज उस पर भी विचार हुआ है। सब्जेक्ट कमेटी में विचार होगा। प्रीलिमिनरी सेशन में इस विषय पर विचार होगा।

इन वर्गों को मिले प्रतिनिधित्व

रमेश ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण संशोधन है वह यह है कांग्रेस वर्किंग कमेटी में दलित, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, ओबीसी का प्रतिनिधित्व मिले। ये हमारे पार्टी के संशोधन में सुनिश्चित किया जा रहा है। इन सब विषयों पर सब्जेक्ट कमेटी में फैसला भी होगा। हमें पूरा विश्वास है कि ये संशोधन आएंगे। सब्जेक्ट कमेटी प्रस्तावों को मंजूरी देगी।

रमेश ने कहा कि हम 2 महत्वपूर्ण कारण, उसमें जो आज हमारे देश के सामने राजनीतिक चुनौती है वो। दूसरा कारण हमारे पार्टी के संशोधन में खासकर कमजोर वर्गों के लिए, दलितों के लिए, अल्पसंख्यक के लिए, युवाओं के लिए हमारे पार्टी के संविधान में ही हम इनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चिच कर रहे हैं। यही दो कारण है। इस वजह से हमने कांग्रेस प्रेसिडेंट को सदस्यों को मनोनित करने का अधिकार दिया है।
अब तक सिर्फ दो बार हुए चुनाव
बता दें कि आजादी के बाद कांग्रेस में अब तक सिर्फ दो बार सीडब्ल्यूसी के चुनाव हुए हैं। पहले 1972 में तिरुपति अधिवेशन में जब पीवी नरसिम्हाराव अध्यक्ष थे और दूसरा कोलकाता अधिवेशन में जब सीताराम केसरी पार्टी के अध्यक्ष थे,लेकिन मल्लिकार्जुन खड़गे गैर गांधी परिवार से अध्यक्ष होने के बाद भी यह साहस नहीं दिखा सके।

इन लोग को मिलेगा वर्किंग कमेटी में स्थान

सब्जेक्ट कमेटी नियमों और प्रावधानों पर मंजूरी देगी। इस पर प्रीलिमिनरी में चर्चा होगी। कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, अध्यक्ष को कांग्रेस वर्किंग कमेटी में जगह दी जाएगी। ये भी एक प्रस्ताव है।

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