मिलिट्री कोर्ट ने आंग सान सू की को सुनाई 7 साल की सजा

यंगून
म्‍यांमार में की जुंटा अदालत (मिलिट्री कोर्ट) ने असैन्‍य शासक और देश की पूर्व नेता आंग सान सू की को भ्रष्‍टाचार के मामले में शुक्रवार को सात साल की सजा सुनाई है। 18 महीने तक चले ट्रायल के बाद उन्‍हें यह सजा सुनाई गई है। अब उनकी कुल सजा 33 साल तक हो गई है। सू की को भ्रष्‍टाचार के पांच मामलों में सजा सुनाई गई थी। सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि उन पर हेलीकॉप्‍टर के प्रबंधन से जुड़ा भ्रष्‍टाचार का एक मामला है जिसकी वजह से देश को काफी नुकसान हुआ है।

क्‍या हैं सूकी पर दर्ज मामले
साल 2021 में हुए तख्‍तापलट के बाद से ही सू की जेल में हैं। उन्‍हें हर मामले में दोषी ठहराया गया है। उन पर भ्रष्‍टाचार से लेकर गैर-कानूनी तरीके से वॉकी-टॉकी रखने से लेकर कोविड के नियमों का उल्‍लंघन करने का मामला तक दर्ज है। सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि उनके खिलाफ जारी सभी केस पूरे हो गए हैं। अब उनके खिलाफ कोई भी मामला नहीं है। सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि उनका स्‍वास्‍थ्‍य फिलहाल बेहतर है। मीडिया को कोर्ट की सुनवाई को कवर करने से प्रतिबंधित किया हुआ है। वहीं सू की के वकीलों को भी मीडिया से बात करने की मनाही है।

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देश के हालात बेहद खराब
जब से सू की का ट्रायल शुरू हुआ, वह सिर्फ एक ही बार मीडिया के सामने नजर आई हैं। उनकी स्थिति काफी खराब नजर आ रही थी। वह सिर्फ वकीलों पर ही निर्भर हैं कि वो दुनिया को उनकी स्थिति के बारे में बता सकें। म्‍यांमार में जब से तख्‍तापलट हुआ है तब से ही वहां पर हालात काफी खराब हैं। एक स्‍थानीय मॉनिटरिंग ग्रुप की मानें तो सेना के हाथ में जब से सत्‍ता आई है तब से लेकर अब तक 2600 लोगों की हत्‍या हो चुकी है।

देश की एक आदर्श नेता
77 साल की सू की को एक फरवरी 2021 को गिरफ्तार किया गया था। एक दशक के बाद देश में सत्‍ता सेना के हाथ में थी और म्‍यांमार बड़ी अशांति की तरफ बढ़ चुका था। सूकी को नैप्यीटॉ में रखा गया है और उनके पास ट्रायल के समय कोई वकील नहीं होता है। शुरुआत में सू की को एक अनजान जगह पर नजरबंद करके रखा गया था। सूकी एक नोबल पुरस्‍कार विजेता हैं और म्‍यांमार में उन्‍हें एक महान व्‍यक्तित्‍व के तौर पर देखा जाता है। उन्‍हें कई बार जेल में डाला जा चुका है

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