शांति विकास की पहली आवश्यकता : मुख्यमंत्री चौहान

  • खरगोन निमाड़ का गौरव, नवग्रह मंदिर कॉरिडोर का होगा विकास
  • खरगोन में खुलेगा मेडिकल कॉलेज
  • सीईओ और तहसीलदार पुरस्कृत, जिला शिक्षा अधिकारी और सीएमओ निलंबित
  • मुख्यमंत्री चौहान खरगौन में जन-सेवा अभियान के संभाग स्तरीय स्वीकृति-पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए
  • 660 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन/लोकार्पण

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विकास की पहली आवश्यकता शांति है। मध्यप्रदेश शांति का टापू है, यहाँ दंगे-फसाद और गुंडागर्दी नहीं चलने दी जायेगी। अशांति फैलाने वाले तत्वों को किसी स्थिति में छोड़ा नहीं जायेगा। शांति व्यवस्था के मद्देनजर खरगोन में विशेष सशस्त्र बल की तैनाती की जायेगी और एक नया थाना भी खोला जायेगा।

मुख्यमंत्री चौहान आज खरगौन में मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान संभाग स्तरीय स्वीकृति-पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने 660 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इनमें 371 करोड़ रूपये के लोकार्पण और 288 करोड़ रूपये के भूमि-पूजन शामिल थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ भी वितरित किये। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद भी किया। इसके पहले उन्होंने सिकलसेल वॉलेंटियर्स बायकर्स को हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और खरगोन की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर केन्द्रित पुस्तक का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि खरगोन निमाड़ का गौरव है। यहाँ का नवग्रह मंदिर सिद्ध है। नवग्रह मंदिर एवं कॉरिडोर का विकास किया जायेगा। खरगोन में मेडिकल कॉलेज भी खोला जायेगा। सिरवैल में स्थित महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जायेगा। खरगोन में बिस्टान नाके का नाम टंट्या मामा भील के नाम पर, बावड़ी बस स्टेण्ड क्षेत्र का नाम महाराणा प्रताप नगर और पोस्ट-ऑफिस का नाम गुरूनानक के नाम पर होगा।

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मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह लोकतंत्र जनता का राज्य है, इसमें जनता की सेवा सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान में पंचायत-पंचायत और वार्ड-वार्ड सरकारी अमला गया और जनता के कार्य किये गये। विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों का चयन कर उन्हें लाभ दिया जा रहा है। सरकार भोपाल से नहीं, चौपाल से चल रही है। जन-सेवा अभियान में इंदौर संभाग में 15 लाख नये हितग्राहियों का विभिन्न योजनाओं के लिये चिन्हांकन किया गया। खरगोन जिले में लगे शिविरों में 2 लाख 90 हजार आवेदनों में से 2 लाख 57 हजार को स्वीकृति-पत्र प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री चौहान ने अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिये खरगोन जिला प्रशासन एवं संबंधित सभी की सराहना की।

मुख्यमंत्री चौहान ने जिले में उत्कृष्ट कार्य करने पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेन्द्र शर्मा और कसरावद के तहसीलदार को पुरस्कृत किया। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने पर जिला शिक्षा अधिकारी एवं भीकनगाँव नगर पंचायत के सीएमओ को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिये। उन्होंने जनपद पंचायत बड़वाह के एडीओ राजेन्द्र नेगी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उनके वारिस को अनुकम्पा नियुक्ति दिये जाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान में चयनित सभी हितग्राहियों को आगामी माह से विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो जायेगा। मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान की तरह ही आगामी 6 अप्रैल से पुन: पूरे प्रदेश में गाँव-गाँव, नगर-नगर अधिकारी जायेंगे और जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे, साथ ही पात्र हितग्राहियों का चयन भी करेंगे।

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मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जनजातीय समाज को जल, जंगल और जमीन का अधिकार दिलाने के लिये प्रदेश में पेसा एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। वर्ष में एक बार ग्रामसभा में खसरा और बी-1 की नकल प्रस्तुत की जाती है। धर्मांतरण या छल-कपट से किसी जनजातीय व्यक्ति की जमीन अब कोई नहीं छीन पायेगा। प्रदेश की धरती पर मैं लव-जिहाद नहीं होने दूँगा। अब ग्रामसभाओं को खदानों के अधिकार दिये गये हैं। ग्रामसभाओं को जल और जंगल का अधिकार भी दिया गया है। वे वनोपज, तेंदूपत्ता संग्रहण, दर निर्धारण और विक्रय का कार्य कर सकेंगे। मनरेगा के कार्य ग्रामसभाएँ निर्धारित करेंगी। छोटे-मोटे झगड़ों के निराकरण के अधिकार भी ग्रामसभाओं को होंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट क्रियान्वयन के लिये पेसा को-ऑर्डिनेटर बनाये जा रहे हैं। प्रदेश में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिये मुख्यमंत्री जन-मित्र योजना भी प्रारंभ की जायेगी। जनजातीय क्षेत्रों के बाद अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के अधिकार देने के संबंध में सरकार विचार कर रही है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं द्वारा बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। आगामी 15 अगस्त तक प्रदेश में नौकरियों में एक लाख से अधिक भर्ती की जायेगी। सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिये प्रदेश में ऐतिहासिक कार्य हो रहा है। खरगोन में ही 5 हजार करोड़ की सिंचाई योजनाएँ निर्मित की जा रही हैं। खरगोन जिले की बिंजलवाड़ी सिंचाई योजना का कार्य जून-2023 तक पूरा हो जायेगा।

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मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आइये हम प्रदेश में नई कार्य-संस्कृति विकसित करें। सब मिल कर प्रदेश के विकास एवं जनता के कल्याण में अपना पूरा-पूरा योगदान दें।

किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में जो कार्य 60 साल में नहीं हुआ, वह पिछले 8 साल में हो गया है। प्रदेश में सुशासन स्थापित हुआ है। जनता को रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई- लिखाई और दवाई सुनिश्चित हुई है। देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य है जहाँ 89 जनजातीय विकासखण्डों में पेसा एक्ट के माध्यम से जनजातीय वर्ग को जल, जंगल एवं जमीन के अधिकार दिये गये हैं। वन मंत्री विजय शाह, पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल उपस्थित थे। स्वागत भाषण सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल ने दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री चौहान का 65 वन ग्रामों के नागरिकों ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री चौहान के खरगोन पहुँचने पर 65 वन ग्रामों के नागरिकों ने स्वागत और अभिनंदन किया। ये वो वन ग्राम है जिन्हें मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से राजस्व ग्राम में परिवर्तित किया गया है। राजस्व गाँव घोषित हो जाने से अब इन्हें पंचायत और शासन की विकास योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। जिले की भगवानपुरा तहसील के 23, झिरन्या के 35 और बड़वाह तहसील के 7 गाँव के लिए अधिसूचना जारी की गई है।

 

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