गड़बड़ी मिलने पर यूजीसीऔर सरकार निजी विवि को बंद तक कर सकेंगे !

भोपाल

40 निजी विश्वविद्यालय अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) अप्रूव कोर्स संचालित कर रहे हैं। एआईसीटीई कभी भी निजी विवि में छापामार की कार्रवाई करेगा। गड़बड़ी मिलने पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और मप्र सरकार निजी विवि को बंद तक कर सकेगा।  प्रदेश के कई इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज निजी विश्वविद्यालय बन गए हैं। वे एआईसीटीई कोर्स को संचालित करने के लिए मापदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं।   

मापदंडों का पालन नहीं तो ऐसी डिग्री काम की नहीं
एआईसीटीई ने तर्क दिया कि निजी विवि कोर्स संचालन में मापदंडों का पालन नहीं करते हैं, तो ऐसे विवि की डिग्री का कोई औचित्य नहीं है। हालांकि डिग्री को निरस्त करने का अधिकार यूजीसी को है इसलिए सिर्फ यूजीसी ही ऐसे विवि की डिग्री के आवंटन पर रोक लगा सकती हैं। वहीं, मध्य प्रदेश में निजी विवि विनियामक आयोग उन्हें बंद करने का अधिकार रखता है।  

छत्तीसगढ़ में हुआ था एक्शन
छत्तीसगढ़ में दो दशक पूर्व के तबाड़तोड़ निजी विवि स्थापित कर दिए गए थे। उनकी अवैध गतिविधियों को देखते हुए शासन को उनकी तालाबंदी करना पड़ी थी। ऐसा कुछ एक्शन प्रदेश के विवि में करने की व्यवस्था की जा रही है।

कुलपतियों पर संकट
एआईसीटीई को प्रदेश के अलावा देशभर के निजी विवि की शिकायतें मिल रही हैं, इसलिए एआईसीटीई कभी भी निजी विवि में संचालित इंजीनियरिंग, फार्मेसी, एमबीए और अन्य कोर्स के मापदंडों को परखने के लिए निरीक्षण करा सकता है। इसमें कोई गड़बड़ी मिलती है, तो एआईसीटीई राज्य सरकार और यूजीसी को निजी विवि के खिलाफ एक्शन लेने या उन्हें बंद करने तक की अनुशंसा करेगा। एआईसीटीई की अनुशंसा पर निजी विवि को बंद करने की कार्रवाई तक कर सकता है। इससे सूबे में संचालित 40 निजी विवि के कुलाधिपतियों पर संकट दिखने लगा है। वे अपनी कमियों को दूरने में लगे हैं।

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प्रदेश में संचालित निजी विवि
भोपाल : सर्वपल्ली राधाकृष्णनन विवि, मध्यांचल विवि, भाभा विवि, एलएनसीटी विवि, जागरण लेकसिटी विवि, आरकेडीएफ विवि, पीपुल्स विवि, रबींद्रनाथ टैगोर विवि।  
इंदौर : श्री वैष्णवी विद्यापीठ विवि, मेडिकैप विवि, रेनासेंस विवि, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विवि, मावलांचल विवि, सिम्बिाओसिस, सेज विवि, ओरिएंटल विवि।  सीहोर : मानसरोवर विवि, व्हीआईटी विवि, श्री सत्य साईं विवि।  
ग्वालियर : आईटीएम विवि, अमिटी विवि ग्वालियर।  गुना: जेपी विवि, सागर: स्वामी विवेकानंद विवि, सतना: एकेएस विवि, सिरोंज: टेक्नो ग्लोबल विवि, शिवपुरी: पीके विवि मंदसौर: मंदसौर विवि, छिंदवाडा: एचजी रायसोनी विवि, उज्जैन: अवंतिका विवि, बालाघाट: सरदार पटेल विवि, खंडवा: डॉ. सीव्ही रमन विवि, छतरपुर: श्री कृष्णा विवि। 

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