जयराम रमेश ने सिंधिया को बताया 24 कैरेट का गद्दार,कांग्रेस में वापसी संभव नहीं

इंदौर

भारत जोड़ो यात्रा में शामिल जयराम रमेश ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सिंधिया 24 कैरेट के गद्दार हैं। उनकी कांग्रेस में कभी वापसी नहीं हो सकती। कपिल सिब्बल ने भी कांग्रेस छोड़ी, लेकिन कभी कांग्रेस और वरिष्ठ नेताओं को लेकर टिप्पणी नहीं की। सिंधिया और हेंमत विस्व सरमा हमारी लीडरशिप के बारे में गलत बात कर रहे हैं। दोनो नेताओं की कांग्रेस में कभी वापसी नहीं होगी।

शनिवार सुबह आगर कैम्प साइड पर मीडिया से बात करते हुए रमेश बोले कि जिस संगठन में सिंधिया ने राजनीति की। अब उसी के बारे में बुरा बोल रहे हैं। ऐसे नेता ही 24 कैरेट के गद्दार होते हैं। रमेेश नेे बताया कि यात्रा अब राजस्थान में प्रवेश करेगी। अन्य राज्यों में यात्रा को अच्छा समर्थन मिला है। राजस्थान मेें भी यात्रा सफल होगी।

कम्प्यूटर बाबा की मौजूदगी पर भाजपा ने उठाए सवाल
भारत जोड़ो यात्रा में विवादित संत कम्प्यूटर बाबा भी शामिल हुए। उनकी मौजूदगी पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। भाजपा नेता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि कम्प्यूटर बाबा जेल जा चुके हैं। उन पर जमीनों की धोखाधड़ी के आरोप है। यदि ऐसे लोग यात्रा में चलेंगे तो देश को नुकसान होगा। फायदा नहीं होने वाला है।

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पहले भी सिंधिया पर टिप्पणी कर चुके रमेश
कांग्रेस नेता जयराम रमेश भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लगातार सिंधिया पर हमले कर रहे हैं। उन्होंने उज्जैन में कहा था कि सिंधिया अपना दिल्ली का बंगला नहीं छोड़ना चाहते थे। सांसद का चुनाव हारने के बाद उन्हें बंगला खाली करना पड़ा था। उन्हें मंत्री भी बनना था, इसलिए भाजपा में चले गए।

सिब्बल ने कोई गलत बात नहीं कही
रमेश ने आगे कहा- कपिल सिब्बल जैसे नेताओं की जरूर पार्टी में वापसी हो सकती है। सिब्बल ने पार्टी छोड़ने के बाद कभी भी पार्टी या कांग्रेस लीडरशीप के बारे में कभी काेई गलत बात नहीं कही। इससे उलट ज्योतिरादित्य सिंधिया और असम के CM हेमंत बिस्व सरमा ने पार्टी और हमारी लीडरशिप के लिए गलत बातें कहीं। ऐसे नेता 24 कैरेट गद्दार और देशद्रोही हैं। इन्हें कांग्रेस दोबारा कभी स्वीकार नहीं करेगी।

यह पूछे जाने पर कि क्या सिंधिया कांग्रेस छोड़ देते अगर उन्हें पार्टी अध्यक्ष, मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री या राज्यसभा भेजा जाता? रमेश ने कहा- सिंधिया एक 'गद्दार' (देशद्रोही) हैं, सच्चे गद्दार, असली गद्दार और 24 कैरेट का गद्दार।

एक दिन पहले भी सिंधिया पर साधा था निशाना
जयराम रमेश ने एक दिन पहले भी सिंधिया पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा- सिंधिया कांग्रेस इसलिए छोड़कर गए क्योंकि वो कैबिनेट मंत्री बनना चाहते थे और 27 नंबर बंगले में रहना चाहते थे। बाकी सब बहाने थे।

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यह 27 नंबर वही बंगला जो तीन दशक पहले उनके पिता माधवराव सिंधिया को आवंटित हुआ था, तब ज्योतिरादित्य सिंधिया 13 साल के थे। सिंधिया का बचपन यहीं पर गुजरा। यह दिल्ली के 27 सफदरजंग रोड पर स्थित है। ज्योतिरादित्य को बंगला गुना से लोकसभा चुनाव हारने के बाद छोड़ना पड़ा, लेकिन कैबिनेट मंत्री बनने के बाद उन्हें यह दोबारा मिल गया।

भाजपा ने क्या कहा?
रमेश के बयान पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। मध्यप्रदेश भाजपा के सचिव रजनीश अग्रवाल ने कहा- सिंधिया मजबूत सांस्कृतिक जड़ों वाले 24 कैरेट देशभक्त हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया और असम के CM सरमा दोनों अपने काम के लिए 24 कैरेट प्रतिबद्ध हैं। रमेश की टिप्पणी पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।

सरमा ने 2015 और सिंधिया ने 2020 में कांग्रेस छोड़ी
2014 में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद असम के कद्दावर नेता हेमंत बिस्व सरमा 2015 में पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद वे केंद्रीय मंत्री और फिलहाल असम के मुख्यमंत्री भी हैं।

जबकि सिंधिया ने 2020 में कांग्रेस छोड़ी थी, जिसके बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिर गई। बाद में उन्हें मोदी कैबिनेट में नागरिक उड्डयन मंत्री बनाया गया। वहीं मध्यप्रदेश में उनके समर्थक विधायकों की बदौलत भाजपा ने सत्ता में वापसी की।

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