वित्त विभाग ने वर्ष 23-24 बजट प्रस्ताव मांगे,चाइल्ड बजट में 30% प्रावधान करना होगा

भोपाल

वित्त विभाग ने सभी सरकारी विभागों से वित्तीय वर्ष 22-23 की बजट गतिविधियों और वित्तीय वर्ष 23-24 के बजट अनुमान की तैयारियों के लिए बजट प्रस्ताव मांगे है। विभागों की नवीन योजनाएं वित्त विभाग स्तर पर ही खोली जाएंगी इसके लिए विभागों को बजट चर्चा के पूर्व वित्त विभाग को संक्षेपिका भेजना होगा। चाइल्ड बजट में शामिल योजनाओं में श्रेणी एक और दो के अंतर्गत लगभग शत प्रतिशत और कम से कम तीस प्रतिशत प्रावधान बच्चों के लिए करना आवश्यक होगा। सेगमेंट मोड में सामान्य अनुसूचित जनजाति उपयोजना एवं अनुसूचित जाति उपयोजना में निर्धारित अंशो जैसे अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 23 प्रतिशत और अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 16 प्रतिशत राशि का विभाजन करते हुए प्रस्ताव मांगे गए है। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के एि केन्द्रांश और राज्यांश के लिए बजट अनुमान अलग-अलग मांगे गए है।

जेंडर, चाइल्ड और कृषि बजट के लिए अलग प्रस्ताव
वित्त विभाग द्वारा बुलाए गए बजट प्रस्ताव में महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक उन्नति के कार्यक्रमों के संचालन के लिए जेंडर बजट के लिए अलग से प्रावधान विभागों से मांगे गए है। प्रदेश के किसानों और उनके हितों से जुड़ी योजनाओं तथा उनमें प्रावधानित राशि की जानकारी सुगमता से मिल सके इसके लिए कृषि बजट के लिए भी अलग से प्रस्ताव मांगे गए है।

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वेतन में तीन और मजदूरी में केवल पांच प्रतिशत इजाफा कर सकेंगे
बजट अनुमान तैयार करते समय वेतन शीर्ष में पुनरीक्षित अनुमान से तीन प्रतिशत वृद्धि करके और मजदूरी शीर्षक में 22-23 के अनुमान से अधिकतम पांच प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव ही भेजे जा सकेंगे। वेतन मद में प्रस्तावित राशि का 46 प्रतिशत महंगाई भत्ते के लिए रखना होगा और नए भर्ती अभियान में शामिल पदों के खर्चे के प्रस्ताव भी मांगे गए है।

IFMIS सॉफ्टवेयर में भेजना होगा प्रस्ताव
बजट अनुमान के प्रस्ताव और पिछले साल के पुनरीक्षित अनुमान को लेकर प्रस्ताव आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर के जरिए मांगे गए है। विभाग सर्वप्रथम बजट से संबंधित अनुमानों की प्रविष्टि आईएफएमआईएस में करेंगे। इसके लिए कई शीर्ष विभागीय प्रस्तावों के आधार पर आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर में खोलने की अनुमति वित्त विभाग द्वारा प्रदान की गई है।

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