एनबीडीएसए ने न्यूज 18 इंडिया पर लगाया 50,000 रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली
 न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीडीएसए) ने न्यूज 18 इंडिया पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया और चैनल को निर्देश दिया कि वह कर्नाटक के हिजाब प्रतिबंध पर एंकर अमन चोपड़ा द्वारा किए एक शो को हटाए.

न्यूजलॉन्ड्री के मुताबिक, एनबीडीएसए ने कहा कि चोपड़ा ने आचार संहिता और प्रसारण मानकों के ‘घोर अनादर’ किया था और न्यूज इंडिया को इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर बहस कैसे कराएं, इस संबंध में अपने एंकरों को मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देने की सलाह दी जाती है.

यह आदेश इंद्रजीत घोरपड़े नाम के व्यक्ति द्वारा 10 अप्रैल को दर्ज कराई गई शिकायत पर आया है. जिस शो पर सवाल उठ रहे हैं, वो 6 अप्रैल को प्रसारित हुआ था. घोरपड़े का आरोप था कि चोपड़ा ने मुस्लिम छात्राओं का ‘हिजाबी गैंग’ और ‘हिजाबवाली गज़वा गैंग’ के तौर पर उल्लेख किया था और ऐसा झूठे आरोप लगाए थे कि उन्होंने दंगों का सहारा लिया था.

घोरपड़े ने शो में शामिल हुए मेहमानों (पैनलिस्टों) द्वारा दिए गए बयानों को भी सूचीबद्ध किया और कहा कि चोपड़ा ने ऐसे सवाल पूछे जिनका अर्थ निकलता था कि मुस्लिम लोग भारत में सुरक्षित हैं और वह भारत है जो मुस्लिम समुदाय से खतरे में हैं.

लाइव लॉ के मुताबिक, घोरपड़े ने अपनी शिकायत में यह कहा था कि एंकर चोपड़ा ने अपने शो में मुस्लिम पैनलिस्ट के खिलाफ कई भड़काऊ बयान दिए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि चैनल द्वारा #AlQaedaGangExposed, ‘हिजाब का फटा पोस्टर, निकला अलकायदा’, ‘हिजाब के पीछे अल जवाहिरी पाया गया’ और ‘हिजाब विवाद की योजना अल कायदा ने बनाई है’ जैसे टिकर भी इस्तेमाल किए गए.

See also  युवाओं के सहयोग से मध्यप्रदेश में सुशासन जमीन पर उतारेंगे : मुख्यमंत्री चौहान ने युवाओं से संवाद कर सवालों के दिए जवाब

चैनल ने अपने बचाव में कहा था कि उसने ‘हिजाबी गैंग’, ‘हिजाब वाली गजवा गैंग’ और ‘जवाहिरी गैंग’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल उन ‘अदृश्य ताकतों’ के लिए किया था जो कथित तौर पर विवाद के पीछे थीं, हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन कर रही छात्राओं के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था. एनबीडीएसए ने चैनल के इन तर्कों को खारिज कर दिया. साथ ही, माना कि कार्यक्रम को सांप्रदायिक रंग दिया गया था.

न्यूज18 इंडिया के जवाबों और सितंबर में सुनवाई के बाद, एनबीडीएसए ने निष्कर्ष निकाला कि ‘बहस के विषय के साथ कोई समस्या नहीं थी, समस्या शो में स्थापित की जा रही धारणा में थी और कार्यक्रम को जो रुख दिया गया, उसे लेकर थी.’

चोपड़ा को फटकार लगाते हुए एनबीडीएसए ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी कई मौकों पर एक न्यूज कार्यक्रम में एंकर की भूमिका जोर दे चुका है और एंकर को बहस में शामिल मेहमानों के बीच संतुलन बनाने की बात कह चुका है.

प्राधिकरण ने कहा कि इस मामले में न सिर्फ एंकर बहस में शामिल मेहमानों को सीमा लांघने से रोकने में असफल रहे, बल्कि उन्हें ऐसे विचार व्यक्त करने के लिए मंच प्रदान किया जो देश के सांप्रदायिक सद्भाव पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं.

See also  PM मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी

एनबीडीएसए ने कहा कि प्रसारण, आचार संहिता और प्रसारण मानकों के अलावा, रिपोर्ट कवर करने के विशिष्ट मानकों के तहत निष्पक्षता, तटस्थत और शालीनता आदि से संबंधित सिद्धांतों का उल्लंघन था.

इसके मुताबिक, प्रसारणकर्ता पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया और प्राधिकरण ने चेतावनी दी कि भविष्य में उल्लंघन करने पर चोपड़ा को स्वयं एनबीडीएसए के समक्ष प्रस्तुत होना होगा.

साथ ही, न्यूज18 इंडिया को सात दिनों के भीतर सभी सभी मंचों से उक्त प्रसारण हटाने का निर्देश दिया गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *