ऋषि सुनक या लिज ट्रस, ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री कौन?

लंदन
ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री का एलान सोमवार को हो जाएगा। कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों ने शुक्रवार शाम तक अपने नए नेता को चुनने के लिए वोट डाला। सोमवार को विदेश सचिव लिज ट्रस और पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक में से किसी एक को विजेता घोषित किया जाएगा। विजेता वर्तमान में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की जगह लेगा।

आखिर ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद को लेकर ये चुनाव हो क्यों रहे हैं? प्रधानमंत्री पद के दावेदार दोनों नेता कौन हैं? इस चुनाव में कुल कितने उम्मीदवार मैदान में थे? प्रधानमंत्री चुनने की पूरी प्रक्रिया कैसे संपन्न हुई? आगे क्या होगा? आइये जानते हैं…

कौन हैं प्रधानमंत्री पद के दोनों दावेदार?
प्रधानमंत्री पद की दावेदारी में आगे बताई जा रहीं लिज ट्रस मौजूदा विदेश सचिव हैं। सरकारी स्कूल में पढ़ीं 47 साल की ट्रस के पिता गणित के प्रोफेसर और मां एक नर्स थीं। लेबर पार्टी समर्थक परिवार से आने वालीं ट्रस ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए अकाउंटेंट के रूप में भी काम किया। इसके बाद वह राजनीति में आ गईं। 2010 में ट्रस पहली बार सांसद चुनी गईं। ट्रस शुरुआत में यूरोपियन यूनियन से अलग होने के मुद्दे खिलाफ थीं। हालांकि, बाद में ब्रेक्जिट के हीरो बनकर उभरे बोरिस जॉनसन के समर्थन में आ गईं। ब्रिटिश मीडिया अक्सर पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थ्रेचर से उनकी तुलना करता है।

इस रेस में दूसरे दावेदार हैं भारतीय मूल के ऋषि सुनक।  42 साल से सुनक का परिवार मूलत: पंजाब का रहने वाला है। 1960 के दशक में उनके माता-पिता पूर्वी अफ्रीका से आकर ब्रिटेन में बसे। उनके पिता एक सामान्य चिकित्सक थे और मां उषा फार्मासिस्ट थीं जो एक फार्मेसी चलाती थीं। सुनक की शुरुआती पढ़ाई ब्रिटेन के सबसे महंगे स्कूलों में से एक विन्चेस्टर से हुई। ट्रस की तरह सुनक ने भी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है। हेज फंड से लाखों पाउंड कामने के बाद 2015 में सुनक पहली बार सांसद बने। सांसद बनने के कुछ ही समय में ब्रेक्जिट समर्थन सुनक को भविष्य के नेता के रूप में देखा जाने लगा। फरवरी 2020 में बोरिस जॉनसन की जीत के बाद सुनक वित्त मंत्री बनाए गए। ट्रस की तरह सुनक की भी दो बेटियां हैं।  

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क्यों और कैसे हो रहा नए प्रधानमंत्री का चुनाव?
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को अपनी पार्टी के सांसदों का विश्वास खोने के कारण इस्तीफा देना पड़ा।  इसके बाद पार्टी में नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई।  कंजरवेटिव पार्टी में नेता के चुनाव के लिए दो चरण होते हैं। पहले चरण में कंजरवेटिव पार्टी के सभी सांसदों में अपनी पसंद के नेता को चुनते हैं। जिस उम्मीदवार को सबसे कम वोट मिलते हैं वो दौड़ से बाहर हो जाता है। वोटिंग तब तक चलती है जब तक दो उम्मीदवार नहीं बच जाते हैं।

शुरुआत में कुल आठ दावेदार मैदान में थे। सांसदों द्वारा पहले राउंड की वोटिंग के बाद जेरमी हंट और नदीम जहावी बाहर हो गए। दूसरे राउंड की वोटिंग के बाद सुएला ब्रेवरमैन दौड़ से बाहर हुईं। इसके बाद टॉम टुगेंडहट और केमी बडेनोच की दावेदारी खत्म हुई। पांचवें राउंड में पेनी मोर्डेंट के बाहर होने के बाद केवल दो दावेदार ऋषि सुनक और लिज ट्रस बचे।
जब केवल दो उम्मीदवार बचते हैं तब उन्हें देश के सभी पार्टी सदस्यों द्वारा वोट दिया जाता है। पोस्टल बैलट से वोटिंग के प्रक्रिया दो सितबंर को खत्म हुई। इसके नतीजे सोमवार को आएंगे। इसमें जो जीतता है वो पार्टी का नया नेता होगा। ये नया नेता बोरिस जॉनसन की जगह ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनेगा।

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किसकी दावेदारी कितनी मजबूत?
ऋषि सुनक सांसदों की वोटिंग के दौरान सबसे आगे रहे। लेकिन, पार्टी नेताओं की वोटिंग के दौरान ट्रस शुरू से ही आगे बताई जा रही हैं। सबसे ताजा सर्वे में ट्रस को 59% वोट मिले। वहीं, सुनक को महज 32 फीसदी वोट मिले। इस चुनाव में कंजरवेटिव पार्टी के करीब 1.6 लाख नेताओं ने वोट डाला। जो ब्रिटेन के कुल मतदाताओं का करीब डेढ़ फीसदी है। अगर ट्रस जीतती हैं तो मार्गरेट थ्रेचर और थेरेसा मे के बाद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनने वाली तीसरी महिला होंगी। लिज ट्रस से पहले प्रधानमंत्री बनीं दोनों महिलाएं भी कंजरवेटिव पार्टी से ही थीं।

इससे पहले क्या इस तरह का चुनाव हुआ है?
2019 में लीडरशिप के लिए इस तरह का चुनाव हुआ था। तब 10 उम्मीदवार मैदान में थे। पहले चरण की वोटिंग के बाद बोरिस जॉनसन और पूर्व स्वास्थ्य सचिव जेरेमी हंट दो उम्मीदवार बचे। दूसरे चरण में जब पार्टी के सदस्यों ने वोट डाले तब जॉनसन को दो तिहाई वोट मिले थे।

कैसे होगा सत्ता हस्तांतरण?
जीतने वाले नेता को निवर्तमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सत्ता हस्तांतरित करेंगे। ये सत्ता हस्तांतरण आमतौर पर लंदन के बकिंघम पैलेस में होता है। इस बार यह स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल में होगा। दरअसल महारानी एलिजाबेथ द्वितीय इस वक्त  स्कॉटलैंड में अपनी गर्मी की छुट्टियां मना रही हैं। अपनी सेहत को देखते हुए उन्होंने सार्वजनिक उपस्थिति कम कर ली है। फिलहाल उनकी लंदन लौटने की योजना नहीं है। इसी वजह से सत्ता हस्तांतरण की परम्परा टूटी है।

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नतीजों के बाद मंगलवार को बोरिस जॉनसन प्रधानमंत्री निवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट से प्रधानमंत्री के तौर पर अपना आखिरी वक्तव्य देंगे। इसके बाद वह स्कॉटलैंड जाएंगे। वहां जॉनसन महारानी को अपने इस्तीफे की जानकारी देंगे। इसके बाद सुनक और ट्रस में से जो भी विजेता होगा, वह महारानी से मिलेगा। उसे महारानी द्वारा सरकार बनाने के लिए कहा जाएगा। नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति शाही रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी।

आधिकारिक नियुक्ति होते ही नए प्रधानमंत्री वापस लंदन आएंगे। यहां 10 डाउनिंग स्ट्रीट से नए प्रधानमंत्री का पहला भाषण होगा। लंदन के समय के मुताबिक शाम करीब चार बजे भाषण देने के बाद प्रधानमंत्री अपनी नई कैबिनेट की नियुक्ति करेंगे। नई कैबिनेट की पहली बैठक बुधवार को होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री पहली बार सदन(हाउस ऑफ कॉमन्स) पहुंचेंगे।

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