टीचर्स डे से पहले राजधानी पहुंचे गुरुजन, शिवराज ने दिए 15 हजार टीचर को नियुक्ति पत्र

भोपाल
राजधानी भोपाल में शिक्षक दिवस से एक दिन पहले शिक्षकों का कुंभ आयोजित किया गया है। इसमें प्रदेशभर से शिक्षक शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 15 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंप रहे हैं, वहीं शिक्षाविद् शिक्षकों को नई शिक्षा नीति, शालेय शिष्टाचार और मूल्यांकन को लेकर प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस एक दिवसीय प्रशिक्षण में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शिक्षकों को प्रदेश में स्कूल शिक्षा की दिशा और भविष्य की आकांक्षाओं से अवगत कराया ।

पिछले चार साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे शिक्षकों की मुराद शिक्षक दिवस से एक दिन पहले पूरी हो गई। भोपाल में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों में 50% महिला शिक्षक है।  

नवनियुक्त शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम #Bhopal #ShivrajKaGurukul https://t.co/SGfW4S3diw

— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) September 4, 2022

 

मध्य प्रदेश में पहली बार बड़े स्तर पर मिडिल और हाई स्कूल के शिक्षकों का प्रशिक्षण होने जा रहा है। इसके लिए अगल-अलग जिलों से शिक्षक भोपाल आए। दो प्रशिक्षण वर्ग के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिक्षकों से अपना विजन भी साझा किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिक्षकों को प्रदेश में स्कूल शिक्षा की दिशा और भविष्य की आकांक्षाओं से अवगत कराया वहीं। कार्यक्रम में टीजी नियोगी ने नई शिक्षा नीति शिक्षक के संदर्भ में, डॉ. एसबी ओझा ने शालेय शिष्टाचार और केके पाराशर मूल्यांकन विषय पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया।

See also  बघेल कैबिनेट का फैसला जल्द होगी 12489 पदों पर होगी शिक्षकों की भर्ती

सीएम इंदौर में की थी घोषणा

इस भव्य आयोजन में चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। यह बात सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में टॉय क्लस्टर का शिलान्यास करते समय कही थी। इसके बाद से प्रशासन तैयारियों में जुटा था। प्रदेश भर से शिक्षकों को राजधानी पहुंचने से लेकर उनके रुकने, खान की व्यवस्था में प्रशासन जुटा हुआ है। शिक्षकों को परिवाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग ने दूसरी तरफ अब इन शिक्षकों के प्रशिक्षण मामले में राजनीति शुरू हो गई है। कुछ कर्मचारी संगठन इस प्रशिक्षण का विरोध कर रहे हैं।

2018 में जारी हुआ था नोटिफिकेशन

एमपी सरकार ने सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षक वर्ग-1 और वर्ग-2 के 30 हजार से ज्यादा पदों को भरने के लिए 2018 में नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें वर्ग-1 के 19,200 पद और वर्ग-2 के 11,300 के करीब पद थे। इसके बाद 2200 पद अलग से बाद में जोड़े गए। इन पदों के लिए पात्रता परीक्षा 2019 में आयोजित की गई। इसके रिजल्ट आने के बाद जनवरी 2020 से अप्रैल 2021 तक सभी चयनीत शिक्षकों के सत्यापन की भी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। अब इन्हें नियुक्ति पत्र दिया गया है।

See also  देश में कोरोना के 24 घंटे में आये 3615 नए केस , 5 हजार लोग हुए रिकवर

प्रदेश के 14 शिक्षक चयनित, 5 सितंबर को किया जाएगा सम्मानित

आज शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया है, वहीं कल सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार-2022 के लिए प्रदेश के 14 शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें प्राथमिक श्रेणी में आठ एवं माध्यमिक श्रेणी में छह शिक्षकों का चयन किया है। इन शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को प्रशासन अकादमी स्थित स्वर्ण जयंती आडिटोरियम में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

भावी पीढ़ी के निर्माण में कोई कमी न रखें शिक्षक: शिवराज

राजधानी के दशहरा मैदान बीएचईएल में नवनियुक्त शिक्षकों को प्रशिक्षण में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। सीएम राइज स्कूल सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में बड़ा बदलाव लेकर आने वाले हैं। सरकार नई शिक्षा नीति के आधार पर स्कूलों में पाठ्यक्रम शुरू कर चुकी है और शिक्षकों का दायित्व है कि देश के भावी कर्णधारों की मजबूत पीढ़ी के निर्माण में अपना भरपूर योगदान दें। इस मौके पर जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह मांडवे, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार उपस्थित रहे।

शिक्षकों को बताई शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियां

See also  SC ने मुफ्त की रेवड़ियों पर राजनीतिक दलों की लगा दी क्लास

कार्यक्रम में प्रदेश भर से प्रशिक्षण लेने आए शिक्षकों को प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां बताई गईं। इस दौरान जानकारी दी गई कि एनएएस-2021 में मध्यप्रदेश बड़ी छलांग लगाकर देश में 5 वें स्थान पर पहुंचा। पिछले पांच सालों में प्रायमरी स्कूल में ड्राप आउट रेट 4.92 से घटकर 1.35 हुआ। नव नियुक्त शिक्षकों को बताया गया कि मध्यप्रदेश आज देश के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जहां के स्कूलों में रळएअट शिक्षा पद्धति लागू कर दी गई। कोरोना काल में हमारा घर -हमारा विद्यालय जैसी योजनाएं हमने चलाई। स्कूल शिक्षा बजट बढ़कर 12% से अधिक हो गया। प्राथमिक शालाओं, माध्यमिक शालाओं, हाई स्कूल्स एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल की संख्या अब दोगुनी हो गई है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *