पृथ्वी की सबसे लंबी सड़क पैन-अमेरिकन हाईवे ,14 देशों से 30,000 KM तक का सफर

मेक्सिको
 दुनिया का सबसे लंबा पैन-अमेरिकन हाईवे (Pan-American Highway) कई क्षेत्रों से होकर गुजरता है। ये इतना ज्यादा लंबा है कि इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड (Guinness Book of World Record) में भी दर्ज है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां से ये हाईवे न गुजरता हो। इसके रास्ते में घने जंगल से रेगिस्तान तक और बर्फीले क्षेत्रों से लेकर शुष्क मौसम तक सभी कुछ पड़ते हैं। यह उत्तरी अमेरिका से दक्षिण अमेरिका तक लगभग 30 हजार किलोमीटर की दूरी तय करने वाली सड़कों का एक नेटवर्क है। इसे धरती की सबसे लंबी सड़क कहा जाता है। इसपर चलना आसान नहीं है। ऐसी बहुत सी बाते हैं जो इसे बाकी के हाईवे से अलग बनाती हैं। चलिए आपको बताते हैं दुनिया के इस सबसे लंबे हाईवे (Pan-American Highway) के बारे में जिसकी बहुत सी बातें आपको हैरान कर देंगी।

 

इन जगहों से गुजरता है हाईवे
पैन-अमेरिकन हाईवे कई शहरों और देशों से गुजरता है। ये मेक्सिको, ग्वाटेमाला, एल साल्वाडोर, होंडुरस, निकारागुआ, कोस्टा रिका और उत्तरी अमेरिका में पनामा से गुजरता है। ये कोलंबिया, इक्वेडोर, पेरू, चिली और अर्जेंटीना होते हुए दक्षिण अमेरिका तक जाता है।

आसान नहीं है ड्राइव करना
पैन-अमेरिकन हाईवे पर ड्राइव करना बिल्कुल भी आसान नहीं है। वजह है ये अलग-अलग परिस्थितियों और क्षेत्रों से होते हुए गुजरता है। कहीं लंबा रेगिस्तान है तो कहीं घने जंगल। ऐसे में इन बदलती परिस्थितियों में इस हाईवे पर गाड़ी चलाना मुश्किल होता है। कई क्षेत्रों में ड्राइविंग कभी-कभी खतरनाक भी हो जाती है।

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इतने किलोमीटर लंबा है हाईवे
पैन-अमेरिकन हाईवे की लंबाई करीब 30 हजार किलोमीटर है। ये इतना लंबा है कि इसकी दूरी तय करने में लोगों को कई महीने लग जाते हैं। इस हाईवे पर सभी लोग यात्रा करना चाहते हैं। हर साल बड़ी संख्या में लोग इस हाईवे पर सफर करने के लिए निकलते हैं। इसके लिए वो कई महीने तैयारियां करते हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं जो इस हाईवे पर बाइक से ट्रैवल करना पसंद करते हैं।

रास्ते में होती हैं कई मुश्किलें
इस पैन-अमेरिकन हाईवे पर जाने से पहले अच्छे से तैयारी करना जरूरी है। इस हाईवे (Highway) पर अगर कार या बाइक खराब हो जाए तो मुश्किल हो सकती है। ये हाईवे इतना लंबा है कि आपतक मदद पहुंचने में समय लग सकता है। ऐसे में आपकी कार या बाइक में सभी प्रकार के टूल होने चाहिए जिससे गाड़ी पंचर या खराब होने पर आप उसे ठीक कर सकें।

इस तरह किया गया हाईवे का निर्माण
पहले उत्तर, मध्य और दक्षिण अमेरिका के राज्यों को जोड़ने वाला कोई हाईवे नहीं था। ऐसे में इस हाईवे को बनाए जाने की मांग उठने लगी। इसके बाद इसे संयुक्त राज्य अमेरिका ने बनाना शुरू किया। इस हाईवे को बनाने के लिए बड़े पैमाने पर इंजीनियर लगाए गए। इसे कई चरणों में बनाया गया। पहले चरण में इसे लारेडो, टेक्सास से मैक्सिको सिटी तक बनाया गया। दूसरे चरण में पनामा सिटी तक इसे जोड़ा गया।

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मध्य अमेरिकी देशों के बीच नहीं थी सड़कें
पहले अधिकांश मध्य अमेरिकी देशों (Central American Countries) के बीच सड़कें नहीं थीं और व्यापार बहुत कम था। कोस्टा रिका और पनामा के बीच कोई सड़क नहीं थी। इसके बाद इस हाईवे को बनाया गया। हालांकि इसका तीसरा चरण अभी पूरा नहीं हुआ है।

इस हाईवे पर यात्रा करना है बेहद रोमांचक
इस हाईवे पर यात्रा करना बेहद रोमांचक होता है। इसमें गाड़ी चलाने वाले को हर तरह की परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। सड़क जंगलों, पहाड़ों, रेगिस्तान और ग्लेशियरों आदि सभी जगह से गुजरती है। ऐसे में इस हाईवे पर गाड़ी चलाने वाले लोग बहुत एक्सपर्ट होने चाहिए।

पड़ोसी देशों से संबंध मजबूत करने के लिए बनाया गया हाईवे
अमेरिका के एक छोर से दूसरे छोर तक हाईवे की योजना पड़ोसी देशों से संबंध मजबूत करने के लिए बनाई गई थी। साल 1889 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने पहले पैन-अमेनिकन सम्मेलन (Pan-American Conference) में इसे रेलमार्ग के रूप में प्रस्तावित किया था। हालांकि उस समय इसपर कुछ तय नहीं हो पाया। इसके बाद साल 1923 में चिली में हुए अमेरिकी राज्यों के 5वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (5th International Conference) में यह विचार दोबारा सामने आया। इस दौरान पैन-अमेरिकन राजमार्ग को एक ही मार्ग के रूप में परिकल्पित किया गया था। इसके बाद भी साल 1928 में क्यूबा (Cuba) में हुए छठे सम्मेलन तक इसको मंजूरी नहीं मिली थी। साल 1925 में 5 अक्टूबर को ब्यूनस आयर्स में पहला पैन-अमेरिकन हाईवे सम्मेलन बुलाया गया था। इसमें इस योजना को प्रस्तुत किया गया था। साल 1950 में राजमार्ग का पहला चरण (First Stage) मेक्सिको में पूरा हुआ। मेक्सिको इस प्रस्ताव को अमल में लाने वाला पहला देश बना था।

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