मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को जोरदार तेजी देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज में मजबूती, आईटी शेयरों में खरीदारी और मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा IPO को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी ने बाजार का माहौल मजबूत किया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 800 अंकों की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी 23,000 के स्तर के पार पहुंच गया।
बुधवार को बाजार में तेजी के पीछे कई अहम कारण रहे। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO की शुरुआत, आईटी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मजबूती ने निवेशकों का ध्यान खींचा।
सुबह करीब 9:20 बजे तक सेंसेक्स 0.86% बढ़कर 74,488.6 अंक पर पहुंच गया था, जबकि निफ्टी 50 में 0.78% की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,066.55 अंक पर कारोबार कर रहा था। आईटी सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, शेयर बाजार में तेजी के पीछे केवल IPO को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।
मुकेश अंबानी के Jio IPO पर क्यों टिकी हैं नजरें?
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला। इस इश्यू का आकार करीब 30,213 करोड़ रुपये बताया गया है। इसे भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO में से एक माना जा रहा है।
इस IPO को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी ने इश्यू खुलने से पहले एंकर निवेशकों से करीब 8,110 करोड़ रुपये जुटाए थे।
जियो प्लेटफॉर्म्स टेलीकॉम, डिजिटल सेवाओं और तकनीक से जुड़े कारोबार में सक्रिय है। कंपनी की बड़ी ग्राहक संख्या और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं इसे बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण इश्यू बनाती हैं।
हालांकि, IPO में निवेश करने से पहले कंपनी का मूल्यांकन, वित्तीय प्रदर्शन, प्रतिस्पर्धा और संभावित जोखिम समझना जरूरी है। बाजार में तेजी का मतलब यह नहीं है कि IPO से निश्चित मुनाफा होगा।
आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला सहारा
बुधवार को आईटी सेक्टर में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। सितंबर तिमाही के बेहतर नतीजों ने निवेशकों के भरोसे को समर्थन दिया। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स में लगभग 2.2% की बढ़त दर्ज की गई।
एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज के शेयरों में भी जोरदार तेजी आई। कंपनी के बेहतर राजस्व और मुनाफे के आंकड़ों के बाद शेयर में लगभग 10.5% की उछाल दर्ज की गई।
आईटी कंपनियों के नतीजे बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनके प्रदर्शन से कॉर्पोरेट कमाई और कारोबार की संभावनाओं को लेकर निवेशकों को संकेत मिलते हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर भी नजर
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल कारोबार से जुड़ा है। ऐसे में जियो से संबंधित घटनाक्रम का असर रिलायंस समूह की कंपनियों पर निवेशकों के ध्यान के रूप में दिखाई देता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मजबूती ने भी बुधवार को बाजार की तेजी को सहारा दिया। हालांकि, रिलायंस के शेयरों में होने वाले उतार-चढ़ाव को केवल जियो IPO से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। कंपनी के अन्य कारोबार, कच्चे तेल की कीमतें और व्यापक बाजार परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या अहम होगा?
बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों को कुछ जोखिमों पर नजर रखनी होगी। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े घटनाक्रम भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर उत्साह जरूर है, लेकिन निवेशकों के लिए केवल बाजार की तेजी या ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर फैसला लेना उचित नहीं है।
कुल मिलाकर, 21 अक्टूबर को शेयर बाजार में तेजी के पीछे जियो प्लेटफॉर्म्स IPO, आईटी शेयरों में खरीदारी और रिलायंस इंडस्ट्रीज की मजबूती प्रमुख कारक रहे। आगे बाजार की दिशा कॉर्पोरेट नतीजों, वैश्विक संकेतों और निवेशकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।