भोपाल।
करीब ₹5 लाख करोड़ के कर्ज के बोझ तले दबे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री
डॉ. मोहन यादव अब करीब ₹250 करोड़ के आलीशान नए विमान में उड़ान भरेंगे।
बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जेट दशहरे के दिन भोपाल पहुंच गया है।
हालांकि, अभी इसमें उड़ान भरने के लिए करीब 45 दिन और इंतजार करना होगा।
विमान के पंजीयन, तकनीकी जांच, सुरक्षा संबंधी औपचारिकताओं और
जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसका नियमित इस्तेमाल शुरू हो सकेगा।
सरकार का तर्क है कि अपना विमान होने से चार्टर्ड विमानों पर होने वाला मासिक खर्च
मौजूदा स्तर के करीब एक-तिहाई तक रह सकता है।
पांच साल बाद सरकारी बेड़े में अपना विमान

मध्यप्रदेश सरकार का पुराना बीचक्राफ्ट किंग एयर बी-250 विमान मई 2021 में ग्वालियर एयरपोर्ट
पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
इसके बाद सरकार को आधिकारिक यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमानों का इस्तेमाल करना पड़ा।
नए विमान की खरीद को जुलाई 2024 में मंजूरी मिली थी।
अब लंबे इंतजार के बाद बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 भोपाल पहुंचा है।
कीमत ₹250 करोड़, लेकिन कुल लागत का हिसाब भी अहम
नए विमान की कीमत विभिन्न रिपोर्टों में करीब ₹230 करोड़ से ₹250 करोड़ बताई गई है।
कर और अन्य खर्च जोड़ने पर कुल लागत अलग हो सकती है।
विमान के लिए करीब ₹268 करोड़ का बीमा मूल्य प्रस्तावित होने की जानकारी भी सामने आई है।
बीमा मूल्य को खरीद कीमत या वास्तविक सरकारी खर्च के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
उड़ान शुरू होने में 45 दिन क्यों?
विमान के भोपाल पहुंचने के बाद भी नियमित सरकारी उड़ानें तुरंत शुरू नहीं होंगी।
इसके लिए पंजीयन, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से संबंधित मंजूरियां,
तकनीकी और सुरक्षा जांच तथा पायलटों की योग्यता और प्रशिक्षण संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
जरूरत के अनुसार परीक्षण उड़ान और अन्य परिचालन जांच भी की जा सकती हैं।
इन प्रक्रियाओं में करीब 45 दिन लगने का अनुमान है।
सरकार का दावा-चार्टर्ड विमान का खर्च एक-तिहाई रह जाएगा
सरकार का कहना है कि अपना विमान उपलब्ध होने से हवाई यात्राओं पर होने वाला
मासिक खर्च मौजूदा स्तर के करीब एक-तिहाई तक रह सकता है।
हालांकि, वास्तविक बचत जानने के लिए चार्टर्ड विमानों के पुराने खर्च की तुलना नए विमान के
ईंधन, रखरखाव, बीमा, पायलटों और अन्य परिचालन खर्चों से करनी होगी।
विमान का नियमित संचालन शुरू होने के बाद ही इस दावे की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
6,297 किलोमीटर तक उड़ान की क्षमता
बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 की अधिकतम उड़ान दूरी करीब 6,297 किलोमीटर है।
विमान में नौ यात्रियों के बैठने की व्यवस्था बताई गई है।
इसमें आधुनिक केबिन, नुआज सीटें, आवाज से नियंत्रित होने वाली कुछ सुविधाएं,
वायरलेस चार्जिंग और 24 इंच की 4K स्क्रीन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
वास्तविक उड़ान दूरी यात्रियों के भार, मौसम और अन्य परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
रनवे की लंबाई भी बनेगी चुनौती
विमान के संचालन के लिए करीब 1,800 मीटर या उससे अधिक लंबे रनवे की जरूरत बताई गई है।
प्रदेश की सभी हवाई पट्टियों पर इसका संचालन संभव नहीं होगा।
रनवे की लंबाई के अलावा उसकी सतह, भार सहने की क्षमता और सुरक्षा सुविधाएं भी जरूरी हैं।
ऐसे में विमान की उपयोगिता केवल उसकी आधुनिक तकनीक से नहीं,
बल्कि प्रदेश में उपलब्ध हवाई सुविधाओं से भी तय होगी।
पांच नए एयरपोर्ट की योजना
प्रदेश में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए पांच नए एयरपोर्ट की मंजूरी की प्रक्रिया चलने की जानकारी दी गई है।
इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दिए जाने का उल्लेख है।
उड़ान योजना के तहत 10 हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी बताया गया है।
इसके अलावा सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
अब खर्च और बचत का हिसाब भी जरूरी
करीब ₹250 करोड़ का विमान मुख्यमंत्री की आधिकारिक यात्राओं में सुविधा दे सकता है
और चार्टर्ड विमानों पर निर्भरता कम कर सकता है।
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