टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश! 15 घंटे में कोटा से पकड़े गए तीन आरोपी

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में तीन संदिग्ध कोटा से पकड़े गए। पुलिस अनिल पंडित और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन की जांच कर रही है।

मुंबई।

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

वारदात के करीब 15 घंटे के भीतर तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया गया।

पुलिस का दावा है कि हमलावरों का इरादा टाइगर श्रॉफ की हत्या करना था।

शुरुआती जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित नेटवर्क का नाम भी सामने आया है।

पुलिस अब हमले की साजिश, आरोपियों की भूमिका और विदेश में बैठे कथित हैंडलरों के संपर्कों की जांच कर रही है।

यह घटना रविवार, 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी।

टाइगर श्रॉफ की कार पर कई राउंड फायरिंग की गई।

अभिनेता इस हमले में गोली लगने से बच गए।

हालांकि, उनके ड्राइवर और एक राहगीर के घायल होने की खबर है।

ट्रेन से भाग रहे थे आरोपी, कोटा में बिछाया जाल

फायरिंग के बाद आरोपी मुंबई से भाग निकले थे।

पुलिस के मुताबिक, उन्होंने अपनी बाइक अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दी थी।

इसके बाद वे दूसरे साधनों से आगे बढ़े और ट्रेन में सवार हो गए।

मुंबई पुलिस से सूचना मिलने पर राजस्थान पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने कार्रवाई की।

तीनों संदिग्धों को पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में कोटा के पास पकड़ा गया।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, वे जयपुर और दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की योजना बना रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों की पहचान रेहान, ऋतिक कुमार उर्फ रोशन और हरियाणा के एक नाबालिग के रूप में की है।

दो आरोपी हरियाणा और तीसरा बिहार का रहने वाला बताया गया है।

हालांकि, शुरुआती खबरों में तीसरे आरोपी की उम्र को लेकर विरोधाभासी जानकारी सामने आई थी।

बाद की रिपोर्टों में एक आरोपी के नाबालिग होने की पुष्टि की गई है।

अनिल पंडित पर कॉन्ट्रैक्ट देने का आरोप

जांच में अनिल पंडित का नाम सामने आया है।

पुलिस के अनुसार, उसका संपर्क कथित शूटरों में शामिल रेहान से था।

अनिल पंडित को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है।

हालांकि, इस संबंध और कथित कॉन्ट्रैक्ट की पूरी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो क्लिप के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया गया।

इनमें सलमान खान को धमकी देने और लॉरेंस बिश्नोई से माफी मांगने की बात भी सामने आई।

पुलिस इन पोस्ट और ऑडियो क्लिप की सत्यता की जांच कर रही है।

10 दिन से टाइगर की गतिविधियों पर नजर रखने का दावा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध करीब 10 दिनों से टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उनके घर और जिम की रेकी किए जाने की बात भी सामने आई है।

आरोपियों ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और

अन्य सामग्री से अभिनेता की दिनचर्या की जानकारी जुटाई थी।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले की योजना किसने बनाई और फायरिंग के लिए हथियार कहां से आए।

कोटा में पकड़े जाने के दौरान आरोपियों से हथियार बरामद नहीं होने की जानकारी भी सामने आई है।

टाइगर सुरक्षित, ड्राइवर और राहगीर घायल

Tiger Shroff Firing Video: घायल ड्राइवर को लेकर खुद कार चलाते दिखे अभिनेता

फायरिंग के दौरान टाइगर श्रॉफ को गोली नहीं लगी।

हालांकि, कांच के टुकड़ों और बारूद के असर से उन्हें चोट आने की जानकारी दी गई।

उनके ड्राइवर को भी चोट लगी। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले

और संदिग्धों के भागने के रास्ते की जांच की।

अब मामले की जांच में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या यह हमला किसी बड़े

आपराधिक नेटवर्क के निर्देश पर किया गया था।

पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर कथित साजिश और

अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका का पता लगा रही है।

Keywords

See also  टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद का वीडियो वायरल, घायल ड्राइवर को लेकर खुद चलाने लगे कार

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग (Tiger Shroff Firing), टाइगर श्रॉफ न्यूज (Tiger Shroff News),

कोटा में आरोपी गिरफ्तार (Accused Arrested in Kota), लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang),

अनिल पंडित (Anil Pandit), मुंबई पुलिस (Mumbai Police), बॉलीवुड न्यूज (Bollywood News)