‘लहरा दो तिरंगा’रैली से पहले दीपके,नेहा हिरासत में,150 प्रदर्शनकारियों की धरपकड़

दिल्ली में CJP की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले अभिजीत दीपके और नेहा बोरा हिरासत में लिए गए। धारा 163, पुलिस की दलील और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर नजर।

नई दिल्ली।

राजधानी दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली को लेकर विवाद बढ़ गया है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में रैली बुलाई थी।

लेकिन इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163

लागू होने के कारण प्रदर्शन की अनुमति को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

छह दिन में दूसरी बार हिरासत में दीपके

अभिजीत दीपके को छह दिनों के भीतर दूसरी बार हिरासत में लिया गया है।

इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले

उन्हें विमान से हिरासत में लिया गया था। अगले दिन उन्हें छोड़ दिया गया था।

इस बार दीपके दिल्ली में NCP-SP के एक प्रवक्ता के घर ठहरे हुए थे।

वहीं से बाहर निकलने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

हिरासत से पहले उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया।

‘अपने ही देश में तिरंगा लहराने से क्यों रोका?’

दीपके ने वीडियो संदेश में दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें रैली में जाने से रोका।

उनके मुताबिक, पुलिस ने आरोप लगाया कि वे लोगों को भड़का रहे हैं।

दीपके ने सवाल उठाया कि अपने ही देश में तिरंगा लहराने से क्यों रोका जा रहा है।

उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हिरासत से पहले पुलिस के साथ उनकी बहस भी हुई।

CJP का आरोप-परिवार और वकीलों से संपर्क नहीं

CJP ने आरोप लगाया कि पुलिस अभिजीत दीपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई।

पार्टी के मुताबिक, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था।

उसने यह भी दावा किया कि दीपके को वकीलों से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

पार्टी ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।

CJP ने इसे नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति से जुड़ा मुद्दा बताया।

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा भी हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया।

वह वहां से मार्च का नेतृत्व करने की तैयारी कर रही थीं।

पुलिस ने मार्च शुरू होने से पहले ही उन्हें रोक लिया।

इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे।

हिरासत में लिए गए सभी लोगों की पहचान और उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

दिल्ली पुलिस की दलील-धारा 163 लागू, कानून का पालन जरूरी

दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त एवं प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि इस प्रदर्शन के

संबंध में पुलिस से किसी ने संपर्क नहीं किया था।

उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय फ्लैग कोड के नियमों का पालन करने

और तिरंगे का सम्मान बनाए रखने पर जोर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों

की तस्वीरें और वीडियो उनके निजी विवरण के साथ साझा कर रहे हैं।

पुलिस ने इसे निजता का उल्लंघन बताते हुए अनुचित और गैरकानूनी कहा।

नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने भी BNSS की धारा 163 लागू होने का हवाला दिया।

उन्होंने लोगों से कानून का पालन करने की अपील की।

मुंबई में भी जुटे CJP समर्थक

‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान का असर दिल्ली तक सीमित नहीं रहा।

मुंबई के आजाद मैदान में भी CJP के प्रदर्शन के लिए लोगों के जुटने की खबर सामने आई।

इस घटनाक्रम ने तिरंगा रैली को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

ममता बनर्जी और केजरीवाल ने उठाए सवाल

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अभिजीत दीपके की हिरासत की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण इस्तेमाल करने पर युवाओं को

हिरासत में लेना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना अघोषित आपातकाल से की।

वहीं, आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाए।

उन्होंने पूछा कि अगर भारत में तिरंगा नहीं फहराया जाएगा, तो क्या पाकिस्तान में फहराया जाएगा?

उन्होंने इस मामले में सरकार की भूमिका की आलोचना की।

Keywords:

  • अभिजीत दीपके हिरासत में (Abhijeet Deepke Detained)
  • दिल्ली तिरंगा रैली (Delhi Tiranga Rally)
  • लहरा दो तिरंगा प्रदर्शन (Lehra Do Tiranga Protest)
  • CJP प्रदर्शन (CJP Protest)
  • दिल्ली पुलिस कार्रवाई (Delhi Police Action)
  • नेहा बोरा हिरासत (Neha Bora Detained)
  • BNSS धारा 163 (BNSS Section 163)
  • 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में (150 Protesters Detained)
  • ममता बनर्जी प्रतिक्रिया (Mamata Banerjee Reaction)
  • अरविंद केजरीवाल बयान (Arvind Kejriwal Statement)
See also  पश्चिम बंगाल में नई राजनीति की शुरुआत: शुभेंदु सरकार के बड़े फैसले