LoC पर हाई अलर्ट! PoK में बड़ी संख्या में आतंकियों की मौजूदगी का दावा, सर्दियों से पहले घुसपैठ का खतरा

जम्मू-कश्मीर में LoC पर सुरक्षा बढ़ी। PoK में आतंकी लॉन्चपैड सक्रिय होने और 500 आतंकियों की मौजूदगी का दावा, सर्दियों से पहले घुसपैठ की आशंका।

श्रीनगर।

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

खुफिया इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी गतिविधियां बढ़ने की आशंका है।

छह से सात लॉन्चपैड सक्रिय होने की सूचना है।

वहीं, 100 से अधिक आतंकियों को अग्रिम शिविरों में भेजे जाने का दावा किया गया है।

सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि सर्दियों से पहले घुसपैठ की कोशिशें तेज हो सकती हैं।

छह से सात लॉन्चपैड सक्रिय होने का इनपुट

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, PoK में छह से सात आतंकी लॉन्चपैड सक्रिय होने की जानकारी मिली है।

इनका इस्तेमाल घुसपैठ की कोशिशों के लिए किया जा सकता है।

रिपोर्टों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है।

सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरे को देखते हुए सतर्क हैं।

राजौरी-पुंछ क्षेत्र और कश्मीर घाटी में निगरानी बढ़ाने पर जोर है।

हालांकि, लॉन्चपैड की सक्रियता और आतंकियों की संख्या संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

पुंछ में चार आतंकियों की मौत के बाद सतर्कता

12 अक्टूबर को पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश के दौरान चार आतंकियों

के मारे जाने की खबर सामने आई थी।

इनमें लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर मोहम्मद फैजान भी शामिल बताया गया।

आकाशवाणी की रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकियों का समूह नियंत्रण रेखा पार करने की कोशिश कर रहा था।

इसी दौरान नंगी टकरी क्षेत्र में बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ।

इस घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता और बढ़ गई।

PoK में सौ से ज्यादा आतंकियों की मौजूदगी का दावा

15 और 16 अक्टूबर को प्रकाशित एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में PoK के लॉन्चपैड पर

आतंकियों की संख्या सौ से ज्यादा होने का अनुमान जताया गया।

रिपोर्ट में खुफिया एजेंसियों के हवाले से यह जानकारी दी गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े

आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

सर्दियों से पहले घुसपैठ की कोशिशों की आशंका भी जताई गई है।

बर्फीले और ऊंचाई वाले इलाकों में इस्तेमाल होने वाले विशेष उपकरणों की उपलब्धता का दावा भी रिपोर्ट में किया गया है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि 100 से अधिक और करीब 500 आतंकियों के आंकड़े

अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में सामने आए हैं। इनके बीच संबंध स्पष्ट नहीं है।

इन इलाकों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर

 

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राजौरी-पुंछ: LoC के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी पर जोर है।

कश्मीर घाटी: संभावित घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर सतर्कता बढ़ाई गई है।

जम्मू की अंतरराष्ट्रीय सीमा: सुरक्षा बल सीमा पार की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।

पुंछ के जंगल: 14 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध ठिकाने से

AK-47, छह हैंड ग्रेनेड, कारतूस और चिकित्सा सामग्री बरामद हुई थी।

सर्दियों से पहले क्यों बढ़ती है घुसपैठ की आशंका?

 

भारी बर्फबारी के कारण पहाड़ी रास्ते दुर्गम हो जाते हैं।

कई मार्गों पर आवाजाही भी मुश्किल हो जाती है।

ऐसे में सर्दियों से पहले घुसपैठ की आशंका को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं।

इस बार भी खुफिया इनपुट के आधार पर सीमा पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है।

हालांकि, संभावित घुसपैठ और वास्तविक घुसपैठ में अंतर करना जरूरी है।

फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर सर्दियों से पहले संभावित घुसपैठ की आशंका खबर का मुख्य पहलू है।

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