आलीराजपुर।
बिजली कटौती और पेयजल संकट को लेकर आलीराजपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला दहन करने के मामले में पुलिस ने
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
बिजली-पानी की समस्या पर जताया विरोध

(बिजली-पानी के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता।)
मंगलवार, 13 अक्टूबर को महेश पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और
किसानों ने सिनेमा टॉकीज चौराहे पर प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती और कम वोल्टेज का मुद्दा उठाया।
उन्होंने पेयजल संकट को लेकर भी नाराजगी जताई।
इसके बाद मुख्यमंत्री का पुतला जलाकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
24 घंटे बिजली के वादे पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान महेश पटेल ने भाजपा सरकार के 24 घंटे बिजली देने के वादे पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोगों को परेशानी हो रही है।
किसानों को भी इसका सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि
समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो चक्काजाम कर आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस ने 11 लोगों पर दर्ज किया केस
बुधवार, 14 अक्टूबर को आलीराजपुर कोतवाली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की।
इसमें महेश पटेल और नगर पालिका उपाध्यक्ष साबिर बाबा समेत 11 लोगों के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(B) के तहत मामला दर्ज किया है।
अब FIR के बाद बढ़ी सियासी हलचल
बिजली और पानी की समस्याओं से शुरू हुआ विरोध अब पुतला दहन पर दर्ज एफआईआर को लेकर चर्चा में है।
कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं को मुद्दा बनाया है।
वहीं, पुलिस की कार्रवाई ने मामले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है।