भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 इंटरनेशनल में कई बार बड़े स्कोर बनाने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा है। ताजा मामला रांची में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले का है, जहां टीम इंडिया ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 249 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड की तूफानी पारियों ने भारत की गेंदबाजी को दबाव में डाल दिया। वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला छह विकेट से जीता और पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी।
1. 249 रन बनाकर भी हारी टीम इंडिया, वेस्टइंडीज ने रचा इतिहास
होप ने नाबाद 102 रन बनाए, जबकि रदरफोर्ड ने 84 रन की विस्फोटक पारी खेली। दोनों के बीच 120 रन की साझेदारी ने वेस्टइंडीज को जीत की राह पर ला दिया। टीम ने 18.3 ओवर में 252/4 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह भारत के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में 250 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया गया।
2. ऑस्ट्रेलिया ने 222 रन का लक्ष्य हासिल कर भारत को हराया
साल 2023 में गुवाहाटी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टी20 मुकाबले में भी भारतीय टीम बड़ा स्कोर बनाने के बाद हार गई थी। भारत ने रुतुराज गायकवाड़ के शतक की मदद से 222 रन बनाए थे। ऐसा लग रहा था कि यह स्कोर ऑस्ट्रेलिया के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा, लेकिन ग्लेन मैक्सवेल ने भारतीय गेंदबाजों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
मैक्सवेल ने 104 रन की नाबाद पारी खेली और आखिरी ओवर में जरूरी रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई। यह मुकाबला इस बात का उदाहरण बना कि टी20 क्रिकेट में बड़ा स्कोर भी जीत की गारंटी नहीं है।
3. दक्षिण अफ्रीका ने 211 रन बनाकर भारत को चौंकाया
जून 2022 में दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत ने चार विकेट पर 211 रन बनाए थे। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली भारतीय टीम को उम्मीद थी कि इतना बड़ा लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका के लिए मुश्किल साबित होगा।
हालांकि, डेविड मिलर ने केवल 31 गेंदों पर नाबाद 64 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य हासिल कर भारत को झटका दिया। इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखाया कि डेथ ओवरों में गेंदबाजी और विपक्षी बल्लेबाजों को रोकना कितना अहम है।
4. ऑस्ट्रेलिया ने 208 रन का लक्ष्य भी किया हासिल
सितंबर 2022 में मोहाली में खेले गए टी20 मुकाबले में भारत ने 208 रन बनाए थे। हार्दिक पंड्या ने 30 गेंदों पर 71 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रोकने में सफल नहीं रही।
कैमरून ग्रीन और मैथ्यू वेड की आक्रामक बल्लेबाजी ने ऑस्ट्रेलिया को लक्ष्य के करीब पहुंचाया और टीम ने मुकाबला जीत लिया। यह भारत की उन हारों में शामिल है, जहां बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाज स्कोर का बचाव नहीं कर सके।
5. रोहित शर्मा के शतक के बावजूद 199 रन नहीं बचा पाया भारत
साल 2015 में धर्मशाला में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में रोहित शर्मा ने शानदार शतक लगाया था। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 199 रन बनाए। लेकिन दक्षिण अफ्रीका की टीम ने लक्ष्य हासिल कर लिया।
एबी डिविलियर्स और जेपी डुमिनी ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई। यह मुकाबला भारत के उन मैचों में गिना जाता है, जहां व्यक्तिगत प्रदर्शन और बड़ा स्कोर भी टीम को जीत नहीं दिला सका।
बड़े स्कोर के बावजूद क्यों हार जाती है टीम इंडिया?
टी20 क्रिकेट में सिर्फ रन बनाना काफी नहीं होता। गेंदबाजी में सही लाइन-लेंथ, विकेट लेने की क्षमता, डेथ ओवरों में नियंत्रण और कैच पकड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ओस, पिच की स्थिति और विपक्षी बल्लेबाजों की आक्रामकता भी मैच का नतीजा बदल सकती है।
रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में भी भारतीय टीम ने बड़ा स्कोर बनाया, लेकिन होप और रदरफोर्ड की साझेदारी ने मैच भारत के हाथ से निकाल दिया। इन मुकाबलों से स्पष्ट होता है कि टी20 क्रिकेट में किसी भी लक्ष्य को सुरक्षित मानकर नहीं चला जा सकता।