भोपाल/बैरसिया।
मध्याह्न भोजन और साझा चूल्हा योजना से जुड़ी महिला रसोईया बहनों की समस्याएं अब राजधानी में गूंजेंगी।
महीनों तक भुगतान का इंतजार, खाद्यान्न मिलने में देरी और सेवा संबंधी
परेशानियों को लेकर महिला स्व सहायता समूहों ने आंदोलन का ऐलान किया है।
प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह रसोईया महासंघ मध्यप्रदेश के नेतृत्व में
10 अक्टूबर को भोपाल में ‘सरकार जगाओ—महासंग्राम’ आयोजित होगा।
महासंघ के मुताबिक, प्रदेश के अलग-अलग जिलों से महिला स्व सहायता समूहों,
समूह संचालकों और रसोईया बहनों के आंदोलन में शामिल होने की तैयारी है।
प्रदर्शन अंबेडकर पार्क, माता मंदिर के पास, टीटी नगर, भोपाल में होगा।
संगठन का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहिए।
महीनों तक भुगतान का इंतजार, कैसे चलेगी रसोई?

महासंघ की प्रदेश अध्यक्ष सरिता ओमप्रकाश बघेल ने कहा कि
महिला समूह अपनी जिम्मेदारियां लगातार निभा रहे हैं।
इसके बावजूद मध्याह्न भोजन और साझा चूल्हा योजना की राशि कई बार महीनों तक नहीं मिलती।
इससे समूहों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है।
खाद्यान्न वितरण में देरी भी भोजन व्यवस्था को प्रभावित करती है।
संगठन के अनुसार, भुगतान और खाद्यान्न की अनिश्चितता के कारण समूहों तथा
रसोईया बहनों को रोजमर्रा के कामकाज में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
महासंघ का कहना है कि योजना का संचालन सुचारु रखने के लिए समय पर भुगतान,
नियमित खाद्यान्न आपूर्ति और रसोईया बहनों की सेवा से जुड़े मुद्दों का समाधान जरूरी है।
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सरकार के सामने रखीं 6 प्रमुख मांगें

महासंघ ने अपनी मांगों के समर्थन में भोपाल में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
संगठन की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
हर महीने समय पर भुगतान:
मध्याह्न भोजन और साझा चूल्हा योजना की राशि प्रत्येक माह तय तारीख पर जारी की जाए।
समय पर खाद्यान्न वितरण:
भोजन व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बिना उचित कारण हटाने पर रोक:
रसोईया बहनों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया में उचित आधार और पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
सेवा अवधि बढ़ाई जाए:
रसोईया बहनों की सेवा अवधि 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए।
काम के अनुपात में पूरी राशि:
योजना के तहत निर्धारित भोजन और कार्य के अनुपात में समूहों को पूरी राशि तथा खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।
समस्याओं के समाधान की व्यवस्था:
महिला समूहों, संचालकों और रसोईया बहनों की शिकायतों के निपटारे के लिए प्रभावी और पारदर्शी प्रणाली बनाई जाए।
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‘मौखिक आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए’

प्रदेश अध्यक्ष सरिता ओमप्रकाश बघेल का कहना है कि संगठन लंबे समय से अपनी मांगें शासन के सामने रख रहा है।
अब महासंघ चाहता है कि सरकार लंबित मुद्दों पर स्पष्ट और लिखित निर्णय ले।
संगठन के अनुसार, यह आंदोलन किसी एक समूह तक सीमित नहीं है।
इसका उद्देश्य उन महिलाओं की समस्याओं को सामने लाना है,
जो मध्याह्न भोजन और साझा चूल्हा योजना के संचालन से जुड़ी हैं।
महासंघ ने इसे महिलाओं की आजीविका, अधिकारों और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है।
प्रदेशभर से महिलाओं को जुटाने की तैयारी

‘सरकार जगाओ-महासंग्राम’ को लेकर महासंघ ने विभिन्न जिलों में संपर्क और तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जिला पदाधिकारियों तथा सदस्यों से अधिक से अधिक संख्या में भोपाल पहुंचने की अपील की गई है।
महासंघ का कहना है कि मांगों पर लिखित, ठोस और संतोषजनक निर्णय मिलने
तक आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अब सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
10 अक्टूबर को होने वाला प्रदर्शन सरकार के सामने भुगतान, खाद्यान्न आपूर्ति
और सेवा अवधि जैसे मुद्दों को उठाने का अवसर होगा।
अब देखना होगा कि महिला समूहों की मांगों पर शासन क्या रुख अपनाता है
और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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भोपाल में रसोईया बहनों का प्रदर्शन (Cook Workers Protest in Bhopal)
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मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme)
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सरिता ओमप्रकाश बघेल (Sarita Omprakash Baghel)
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भोपाल प्रदर्शन 10 अक्टूबर 2026 (Bhopal Protest October 10, 2026)