लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के एक पोस्ट ने नई चर्चा छेड़ दी है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।” उनके इस बयान को राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है। संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी अब तीसरी राज्यसभा सीट की बजाय 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर अपना फोकस बढ़ा सकती है।
राज्यसभा चुनाव में क्या है सपा का गणित?
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या बल के हिसाब से एक उम्मीदवार को जीत के लिए करीब 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत है। सपा के पास करीब 100 विधायकों का समर्थन है और कांग्रेस के दो विधायकों के समर्थन को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस संख्या के आधार पर पार्टी के लिए दो राज्यसभा सीटें जीतना अपेक्षाकृत आसान है।
लेकिन तीसरी सीट के लिए सपा को अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। रिपोर्टों के मुताबिक तीन सीटों के लिए करीब 111 वोट की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में पार्टी को विपक्षी या गैर-बीजेपी विधायकों के साथ-साथ संभावित क्रॉस वोटिंग पर भी निर्भर रहना पड़ता।
पहले तीसरे उम्मीदवार की तैयारी की थी
दिलचस्प बात यह है कि इससे ठीक पहले सपा ने तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की तैयारी की थी। पार्टी नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा था कि तीसरा प्रत्याशी 6 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेगा और उसके लिए प्रस्तावकों के रूप में 10 विधायकों के हस्ताक्षर भी जुटा लिए गए हैं। इससे राज्यसभा चुनाव में बीजेपी और सपा के बीच मुकाबला और रोचक होने की उम्मीद थी।
सपा पहले ही रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बना चुकी है। दोनों ने 30 सितंबर को अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया था। रामगोपाल यादव राज्यसभा में एक और कार्यकाल के लिए मैदान में हैं, जबकि नथवानी की उम्मीदवारी को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई है।
अब 403 पर क्यों नजर?
अखिलेश यादव के “403” वाले बयान को सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा की कुल 403 सीटों से जोड़कर देखा जा रहा है। यानी सपा का फोकस अब राज्यसभा की अतिरिक्त सीट के लिए संख्या जुटाने के बजाय 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूत राजनीतिक स्थिति बनाने पर हो सकता है।
यह संदेश ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर भी खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। अखिलेश यादव पहले भी नेताओं से सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय गठबंधन की जीत पर ध्यान देने की अपील कर चुके हैं।
बीजेपी ने उतारे आठ उम्मीदवार
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इनमें धर्मपाल सिंह, श्रुति गंगवार, राधाकांत ओझा, प्रियंका सिंह रावत, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, राम प्रताप सिंह चौहान और गोपी कृष्ण पांडेय शामिल हैं। बीजेपी की रणनीति में जातीय और संगठनात्मक समीकरणों को साधने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अखिलेश यादव की ओर से तीसरे उम्मीदवार को लेकर अंतिम फैसला क्या होगा। हालांकि “तीन नहीं, 403” वाला बयान इस बात का मजबूत संकेत माना जा रहा है कि सपा अब अपना राजनीतिक लक्ष्य राज्यसभा की तीसरी सीट से आगे बढ़ाकर 2027 के विधानसभा चुनाव पर केंद्रित कर रही है।