बांधवगढ़,उमरिया।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इन दिनों जंगल के खास मेहमानों की खूब खातिरदारी हो रही है।
यहां वन विभाग के 7 हाथियों के लिए पांच दिवसीय हाथी महोत्सव शुरू हुआ है।
धमोखर बफर क्षेत्र के जंगल में आयोजित इस महोत्सव में हाथियों को पांच दिन तक पूरी तरह आराम दिया जाएगा।
उनसे कोई नियमित काम नहीं लिया जाएगा।
रगड़कर स्नान, अरंडी तेल से मालिश

महोत्सव के दौरान हाथियों की विशेष देखभाल की जा रही है।
उन्हें रगड़-रगड़कर नहलाया जा रहा है।
इसके बाद अरंडी के तेल से मालिश की जा रही है।
हाथियों को चंदन भी लगाया जा रहा है।
साथ ही, उन्हें उनकी पसंद का विशेष भोजन परोसा जा रहा है।
गन्ने से लेकर सेब और केले तक खास मेन्यू

हाथियों के लिए इस दौरान अलग से भोजन की व्यवस्था की गई है।
उन्हें गन्ना, मक्का, अमरूद, सेब और केले सहित कई फल और खाद्य सामग्री दी जा रही है।
रोजाना उन्हें सजाया भी जाएगा।
इस तरह पांच दिनों तक हाथियों को काम के बजाय आराम और देखभाल का माहौल मिलेगा।
1946 में जन्मे गौतम और 1964 की अनारकली आकर्षण

इस बार महोत्सव में गौतम, अनारकली, अनारकली का बच्चा, बांधवी, कृष्णगज, पूनम और बरखा शामिल हैं।
इनमें गौतम और अनारकली सबसे खास आकर्षण हैं।
गौतम का जन्म 1946 में हुआ था।
वहीं अनारकली 1964 में जन्मी थी।
उम्रदराज गौतम और अनारकली के साथ युवा हाथियों की भी विशेष देखभाल की जा रही है।
डॉक्टर करेंगे हाथियों का हेल्थ चेकअप
पांच दिवसीय आयोजन के दौरान हाथियों की स्वास्थ्य जांच भी होगी।
इसके लिए जबलपुर से डॉक्टरों की विशेष टीम बांधवगढ़ पहुंचेगी।
हाथियों के साथ उनके महावतों के स्वास्थ्य की भी जांच की जाएगी।
उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अधिकारियों ने खिलाए फल

हाथी महोत्सव में कलेक्टर राखी सहाय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह,
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उपसंचालक योवन कटारा, डीएफओ विवेक सिंह
और संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी समेत कई अधिकारी पहुंचे।
अधिकारियों ने हाथियों को फल खिलाए।
इस दौरान हाथियों के दो बच्चे भी लोगों के लिए खास आकर्षण रहे।
2008 से जारी है हाथी महोत्सव

बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी। पहला आयोजन कल्लवाह परिक्षेत्र में हुआ था।
तब से हाथियों को नियमित काम से छुट्टी देकर उनकी विशेष देखभाल और सम्मान की परंपरा जारी है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक योवन कटारा के मुताबिक, पांच दिनों तक हाथियों से कोई काम नहीं लिया जाएगा।
उन्हें विशेष भोजन और आराम दिया जाएगा।
Keywords:
बांधवगढ़ हाथी महोत्सव, Bandhavgarh Elephant Festival, बांधवगढ़ के हाथी,
गौतम हाथी, अनारकली हाथी, उमरिया समाचार, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व,
हाथियों का हेल्थ चेकअप, हाथियों की खास खातिरदारी