सिराज पर बरसा 15 साल का ‘बेबी बॉस’, फिर 6 रन से चूकी फिफ्टी!

दलीप ट्रॉफी फाइनल में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने मोहम्मद सिराज के एक ओवर में 14 रन ठोककर तहलका मचा दिया। वैभव 37 गेंदों पर 44 रन बनाकर आउट हुए और फिफ्टी से 6 रन दूर रह गए।

चेन्नई।

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में एक बार फिर दिखा दिया

कि लाल गेंद के क्रिकेट में भी उनका आक्रामक अंदाज कम नहीं हुआ है।

ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए वैभव ने अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के एक ही ओवर में 14 रन ठोक दिए।

हालांकि, शानदार शुरुआत के बावजूद वह अर्धशतक से महज 6 रन दूर रह गए।

 सिराज के ओवर में 4️⃣ 6️⃣ 4️⃣

वैभव ने सिराज के सातवें ओवर में दो चौके और एक छक्का लगाकर कुल 14 रन बटोरे।

उनकी टाइमिंग और शॉट चयन ने साउथ जोन के अनुभवी गेंदबाज पर दबाव बना दिया।

इससे दूसरे छोर पर मौजूद अभिमन्यु ईश्वरन को भी खुलकर खेलने का मौका मिला।

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⚡ 37 गेंदों में 44 रन

वैभव ने सिर्फ 37 गेंदों पर 44 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 1 छक्का शामिल रहा।

उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट के लिए 100 रन की तेज साझेदारी की।

हालांकि चामा मिलिंद की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह कैच आउट हो गए।

सेमीफाइनल में भी दिखाया था दम

फाइनल से पहले वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में 92 और 40 रन की पारियां खेलकर

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ईस्ट जोन को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

दलीप ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि उनकी बल्लेबाजी केवल टी20 या व्हाइट-बॉल क्रिकेट तक सीमित नहीं है।

 रेड-बॉल क्रिकेट में असली परीक्षा

वैभव को अब तक उनकी विस्फोटक व्हाइट-बॉल बल्लेबाजी के लिए जाना जाता रहा है,

लेकिन दलीप ट्रॉफी में वह लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी क्षमता साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।

खास बात यह है कि वह हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के बजाय खराब गेंदों को निशाना बनाते

और अच्छी गेंदों को सम्मान देते नजर आ रहे हैं।

 मैदान पर तिलक से भी हुई नोकझोंक

फाइनल में वैभव की बल्लेबाजी के दौरान साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा के साथ उनकी तीखी बातचीत भी चर्चा में रही।

स्टंप माइक में बातचीत रिकॉर्ड होने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

📌 कहानी का नया एंगल

यह खबर सिर्फ “15 साल के वैभव ने सिराज को कूटा” तक सीमित नहीं है।

असली कहानी यह है कि वैभव अब व्हाइट-बॉल के विस्फोटक बल्लेबाज

से रेड-बॉल क्रिकेट के गंभीर दावेदार बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं।

दलीप ट्रॉफी फाइनल जैसे बड़े मंच पर सिराज जैसे अनुभवी अंतरराष्ट्रीय

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गेंदबाज के खिलाफ उनका बेखौफ खेल इसी बदलाव का संकेत माना जा सकता है।

🏅 जनप्रचार नॉलेज

-दलीप ट्रॉफी क्रिकेट-

-शुरुआत 1961-62
-आयोजक BCCI
-प्रकार प्रथम श्रेणी क्रिकेट
– नाम किसके नाम पर? दलीपसिंहजी
-पहली विजेता वेस्ट जोन
-पहली बार फाइनल 1961-62
-ऐतिहासिक टीम संरचना नॉर्थ, साउथ, ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल जोन

👉 “1961-62 में शुरू हुई दलीप ट्रॉफी, दलीपसिंहजी के नाम पर रखी गई

BCCI की प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता है।”

दलीपसिंहजी भारतीय मूल के महान क्रिकेटर थे,

जिन्होंने इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला था।

वे रणजीतसिंहजी के भतीजे थे।

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