लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर बड़ा झटका दिया है। मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ज्यादा समय नहीं बचा है और BSP अपने संगठन को मजबूत करने की तैयारी में जुटी है।
मायावती ने आकाश आनंद को जिम्मेदारी से हटाने के पीछे उनकी राजनीतिक परिपक्वता और अनुभव की कमी को प्रमुख वजह बताया है। उनका कहना है कि फिलहाल आकाश को पार्टी में किसी बड़ी जिम्मेदारी के लिए और समय की जरूरत है।
मायावती ने क्यों हटाया आकाश आनंद को?
मायावती के मुताबिक, आकाश आनंद अभी ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि पार्टी की बड़ी जिम्मेदारियां संभाल सकें। उन्होंने कहा कि आगामी समय में विरोधी दल BSP के खिलाफ कई तरह की राजनीतिक रणनीतियां अपना सकते हैं और आकाश को उनका सामना करने के लिए अभी और राजनीतिक अनुभव हासिल करना होगा।
मायावती ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपने से पहले आकाश को राजनीतिक तौर पर और परिपक्व होना होगा। उन्होंने फिलहाल उन्हें पार्टी के एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह काम करने की बात कही है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी नहीं दिखे आकाश
आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाने का फैसला BSP की लखनऊ में हुई राष्ट्रीय स्तर की बैठक के दौरान सामने आया। खास बात यह रही कि आकाश आनंद इस महत्वपूर्ण बैठक में मौजूद नहीं थे।
उनकी गैरमौजूदगी ने पार्टी के भीतर उनकी मौजूदा भूमिका को लेकर सवाल और बढ़ा दिए। इसी बैठक में मायावती ने संगठन और नेतृत्व को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया।
कभी मायावती के उत्तराधिकारी घोषित हुए थे आकाश
आकाश आनंद की मौजूदा स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मायावती ने दिसंबर 2023 में उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था। इसके बाद आकाश को BSP में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी को आगे बढ़ाने वाले युवा चेहरे के तौर पर देखा जाने लगा था।
हालांकि, इसके बाद उनके राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव आए। 2024 में मायावती ने उन्हें पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटा दिया था। बाद में उन्हें फिर से संगठन में जगह मिली, लेकिन अब एक बार फिर उनकी बड़ी जिम्मेदारी खत्म कर दी गई है।
आकाश आनंद के राजनीतिक सफर में तीसरी बड़ी गिरावट
मौजूदा घटनाक्रम को आकाश आनंद के राजनीतिक करियर में एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, 2024 के बाद यह तीसरी बार है जब उन्हें BSP में किसी अहम भूमिका से पीछे किया गया है।
आकाश को पहले मायावती के उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित किया गया था, लेकिन पार्टी नेतृत्व के साथ उनके राजनीतिक फैसलों और सार्वजनिक बयानों को लेकर समय-समय पर मतभेद सामने आते रहे हैं।
2027 के यूपी चुनाव से पहले बड़ा फैसला
मायावती का यह फैसला उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। 2027 में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं और BSP संगठन को मजबूत करने के साथ चुनावी रणनीति तैयार कर रही है।
मायावती ने संकेत दिया है कि चुनाव से पहले पार्टी को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो राजनीतिक परिस्थितियों और विरोधी दलों की रणनीतियों का मजबूती से सामना कर सके। इसी वजह से आकाश आनंद को फिलहाल बड़ी जिम्मेदारी नहीं देने का फैसला किया गया है।
अब क्या करेंगे आकाश आनंद?
मायावती के मुताबिक आकाश आनंद पार्टी में काम करते रहेंगे, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। यानी पार्टी से उनकी दूरी पूरी तरह नहीं हुई है, बल्कि उनकी भूमिका को सीमित किया गया है।
ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि आकाश आनंद पार्टी में किस भूमिका में सक्रिय होते हैं और मायावती भविष्य में उन्हें दोबारा कोई बड़ी जिम्मेदारी देती हैं या नहीं।
फिलहाल इतना साफ है कि BSP में नेतृत्व और उत्तराधिकार को लेकर एक बार फिर बड़ा बदलाव हुआ है। आकाश आनंद, जिन्हें कभी मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था, अब पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी से बाहर हैं।