भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 2 सितंबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 700 अंक तक फिसला, जबकि निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया।
बाजार में व्यापक स्तर पर गिरावट रही। रिपोर्ट के मुताबिक सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे।
क्यों गिर रहा है शेयर बाजार?
बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। सबसे प्रमुख वजह मध्य-पूर्व में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका की ईरान पर एयरस्ट्राइक के बाद तनाव बढ़ने से निवेशकों में जोखिम को लेकर चिंता बढ़ी है।
दूसरी बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल में तेजी से देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने भी इक्विटी बाजार की धारणा कमजोर की।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
बुधवार के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 700 अंक तक नीचे गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया।
बाजार के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक निफ्टी 50 करीब 0.89 फीसदी गिरकर 23,841.40 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.79 फीसदी टूटकर 76,333.20 पर रहा।
इस गिरावट का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी कमजोरी देखने को मिली।
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव?
आज लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। तेल की कीमतों में तेजी का असर खास तौर पर उन कंपनियों पर पड़ा जिनकी लागत और कारोबार कच्चे तेल से प्रभावित होता है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, टायर कंपनियों, पेंट कंपनियों और एयरलाइन शेयरों पर दबाव देखा गया। बैंकिंग, ऑटो और अन्य प्रमुख सेक्टरों में भी कमजोरी रही।
टॉप लूजर्स में कौन-कौन से शेयर?
बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बुधवार को कई प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। टॉप लूजर्स में Hero MotoCorp, Eicher Motors, Bosch, Swiggy और Balu Forge Industries जैसे नाम शामिल रहे।
निफ्टी के स्तर पर भी कई शेयरों में बिकवाली हावी रही। बाजार में व्यापक कमजोरी के चलते निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाई।
कुछ शेयरों में दिखी मजबूती
पूरे बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Coal India करीब 3.6 फीसदी चढ़ा। कंपनी ने अगस्त में कोयला आपूर्ति में 5.5 फीसदी वृद्धि की जानकारी दी है और अपनी Mahanadi Coalfields इकाई के IPO की योजना की पुष्टि की है।
वहीं Sun Pharma भी करीब 0.5 फीसदी ऊपर रहा। कंपनी को अमेरिका में कीमतों से जुड़ा एक अनुकूल समझौता मिलने से शेयर को समर्थन मिला।
निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी
बाजार में आई तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार बुधवार के बिकवाली सत्र में निवेशकों की करीब 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति घट गई।
बाजार विशेषज्ञों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर रहेगी।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने की आशंका है। अगर मध्य-पूर्व का तनाव और बढ़ता है तथा कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
हालांकि, बाजार की दिशा केवल एक कारक से तय नहीं होगी। विदेशी निवेशकों की गतिविधि, रुपये की चाल, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और घरेलू आर्थिक आंकड़े भी आने वाले कारोबारी सत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
बाजार में तेज गिरावट के दौरान केवल शेयर के गिरते भाव को देखकर खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और गिरावट के वास्तविक कारण को समझना जरूरी है।