लंबे समय से विवादों और वित्तीय अनियमितताओं के कारण सुर्खियों में रहे राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को नया कुलगुरु मिल गया है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर के निदेशक प्रो. आलोक शर्मा को विश्वविद्यालय का नया कुलगुरु नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति चार वर्ष के लिए की गई है।
19 करोड़ घोटाले के बाद बदली नेतृत्व व्यवस्था
आरजीपीवी पिछले कुछ वर्षों में 19 करोड़ रुपए से अधिक के वित्तीय घोटाले को लेकर चर्चा में रहा।
तत्कालीन कुलगुरु सुनील कुमार के कार्यकाल में सामने आए इस मामले के बाद शासन ने उनसे इस्तीफा लिया था।
भ्रष्टाचार के आरोपों में केस दर्ज होने के बाद जांच एजेंसियों ने कार्रवाई भी शुरू की। मामले में रजिस्ट्रार समेत कई अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे में आए थे।
नए कुलगुरु के सामने भरोसा बहाल करने की चुनौती
ऐसे समय में प्रो. आलोक शर्मा की नियुक्ति को विश्वविद्यालय की साख सुधारने और प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
माना जा रहा है कि नए नेतृत्व के सामने वित्तीय पारदर्शिता, शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्रों का भरोसा वापस दिलाना बड़ी चुनौती होगी।
बाल अधिकार आयोग में भी नई नियुक्तियां
राज्य शासन ने मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग में भी दो नए सदस्यों की नियुक्ति की है। सोनम निनामा और अधिवक्ता अर्चना गुप्ता को सदस्य बनाया गया है। इससे पहले डॉ. निवेदिता शर्मा को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया जा चुका है।
अब पूरी क्षमता से काम करेगा आयोग
नई नियुक्तियों के बाद आयोग में अध्यक्ष सहित तीन सदस्यीय टीम पूरी हो गई है। सरकार का मानना है कि इससे बाल सुरक्षा, संरक्षण और कल्याण से जुड़े मामलों में निर्णय प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो सकेगी।