महाकाल मंदिर व्यवस्था में बड़ा बदलाव,ऑनलाइन बुकिंग ही भस्म आरती दर्शन का रास्ता

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“महाकाल की भस्म आरती अब पहले से ज्यादा व्यवस्थित और आसान जरूर हो गई है, लेकिन इसके लिए श्रद्धालुओं को थोड़ा पहले से योजना बनाकर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। आस्था वही है, बस तरीका बदल गया है-अब भक्ति के साथ तकनीक भी जरूरी हो गई है।”
उज्जैन।

श्री महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी, लेकिन इसके बदले उन्हें ऑनलाइन बुकिंग कर शुल्क देकर ही आरती में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

यह बदलाव खास तौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए है, जो दूर-दराज से आते हैं और पहले लंबी कतारों में खड़े होकर थक जाते थे। अब सुविधा बढ़ी है, लेकिन निःशुल्क दर्शन का विकल्प खत्म हो गया है।

‘लाइन’ से ‘लॉगिन’ तक: बदला पूरा सिस्टम

अब तक भस्म आरती के लिए 300 श्रद्धालुओं को निःशुल्क ऑफलाइन परमिशन मिलती थी। जिसके लिए 6-7 घंटे कतार में इंतजार करना पड़ता था। अब यह व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी गई है।

अब एक दिन पूर्व महाकाल मंदिर की भस्म आरती की तत्काल बुकिंग वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ पर सुबह 8 बजे पोर्टल खुलने पर की जा सकेगी।

अर्थात आपको शुक्रवार के लिए बुकिंग करनी है, तो गुरुवार सुबह 8 बजे पोर्टल खुलते ही बुकिंग करनी होगी।

अब नई व्यवस्था में:
-सभी परमिशन ऑनलाइन ही मिलेंग।
-मुफ्त प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
-हर श्रद्धालु को शुल्क देकर ही दर्शन मिलेंगे।
-रोज सिर्फ 300 श्रद्धालुओं को तत्काल बुकिंग मिलेगी।
-प्रति व्यक्ति 200 रुपए शुल्क देना होगा।
-जो पहले बुकिंग करेगा, उसे पहले मौका मिलेगा।
इसका मतलब है कि अब समय पर बुकिंग करना बहुत जरूरी हो गया है।
पहले से योजना बनाना जरूरी
अब एडवांस बुकिंग के नियम भी बदल गए हैं। पूर्व में 3 महीने पहले बुकिंग होती थी। यह अब सिर्फ 1 महीने पहले ही की जा सकेगी। इसलिए श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा पहले से तय करनी होगी।
अन्य आरतियों के लिए भी शुल्क
मंदिर में पहले ही संध्या आरती व शयन आरती के लिए 250 रुपए की ऑनलाइन बुकिंग लागू की जा चुकी है।
हालांकि सामान्य (चलित) दर्शन अभी भी निःशुल्क हैं।
श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा?
– लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा।
– घर बैठे आसानी से बुकिंग कर सकेंगे।
– मुफ्त में आरती में शामिल होने का मौका अब नहीं रहेगा।
-मोबाइल या इंटरनेट का इस्तेमाल जरूरी हो जाएगा।