” यह मामला सिर्फ अवैध बूचड़खाने का नहीं, बल्कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ और सिस्टम की लापरवाही का भी है-जहां ‘मीठे’ के नाम पर जहर परोसा जा रहा था।”
खंडवा।
भोपाल में सामने आए गौमांस कारोबार जैसे मामले की तर्ज पर अब खंडवा में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
यहां वर्षों से चल रही एक अवैध फैक्ट्री में पशुओं की चर्बी को घी के रूप में तैयार कर आइसक्रीम, होटल-ढाबों और उद्योगों तक सप्लाई किया जा रहा था।
हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने मामले को दबाने के लिए मजिस्ट्रेट को रिश्वत देने की भी कोशिश की। फिलहाल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि उस पर रासुका लगाने की तैयारी चल रही है।
मीठे में मिलावट का नेटवर्क
मोघट रोड थाना पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह चर्बी घी जैसा बनाकर आइसक्रीम फैक्ट्रियों, होटल-ढाबों और कपड़ा उद्योगों तक पहुंचाई जा रही थी। यानी लोगों की थाली और मिठास दोनों में यह खतरनाक मिलावट शामिल थी।
3350 लीटर चर्बी जब्त

(चमड़ा फैक्ट्री मेंं मृत पशुओं की करीब तीन ट्रक हड्डियां व अन्य अवशेष बरामद हुए।)
कार्रवाई में 69 टीन और 9 ड्रमों में भरी करीब 3350 लीटर चर्बी बरामद हुई। इसके अलावा 4 ट्रक खाल और 3 ट्रक अवशेष भी मिले।

















