Ravi Awasthi,भोपाल।
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संसद में महिला आरक्षण यानी बीजेपी के नारी वंदन कार्यक्रम को लेकर राज्य विधानसभा का विशेष सत्र आगामी 27 अप्रैल को बुलाया गया है।
खास बात यह कि सत्र में किसी प्रकार की बाधा न हो,इसके चलते राजधानी भोपाल में सभी तरह के प्रदर्शन,विरोध पर विधानसभा परिक्षेत्र समेत समूचे शहर में प्रतिबंध लगाया गया है।
भोपाल पुलिस आयुक्त ने इस आशय का आदेश शुक्रवार को जारी किया।
विधानसभा सत्र को लेकर सुरक्षा कड़ी
भोपाल में आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया है। आदेश के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है।
यह प्रतिबंध आगामी 27 अप्रैल को सुबह 6 बजे से रात्रि 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। पुलिस प्रशासन का दावा है कि इसका उद्देश्य विधानसभा क्षेत्र में शांति, कानून-व्यवस्था और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है।
इन गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध
आदेश के अनुसार विधानसभा परिसर के 5 किलोमीटर दायरे में कई गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है—
.किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, जुलूस या सभा नहीं होगी
.बिना अनुमति भीड़ इकट्ठा करना प्रतिबंधित रहेगा
.हथियार जैसे तलवार, चाकू, लाठी, डंडा, भाला आदि लेकर चलना मना होगा
.पेट्रोल-डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थों का खुले में उपयोग नहीं किया जा सकेगा
.शिक्षण संस्थान,दुकान,उद्योग,निजी अथवा सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न करना आदेश का उल्लंघन माना जाएगा।
.विवाह समारोह,बारात एवं शव यात्रा पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
.विधानसभा के आसपास के पांच किमी के दायरे में भारी वाहन,ट्रक,ट्रैक्टर,डंपर,एवं धीमी गति से चलने वाले वाहन जो यातायात बाधित करें,प्रतिबंधित रहेंगे।
ट्रैफिक और आवागमन पर भी असर
सुरक्षा के मद्देनज़र कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित या डायवर्ट रहेगा। रोशनपुरा, रेतघाट, लिंक रोड नंबर-1, 74 बंगला, पॉलिटेक्निक चौराहा, 1250 क्वार्टर, अरेरा हिल्स समेत विधानसभा के आसपास के कई प्रमुख मार्गों पर आवाजाही सीमित की जाएगी। आम नागरिकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
प्रदर्शन और नारेबाजी पर सख्त रोक
भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार (In Photo) ने स्पष्ट किया है कि सत्र के दौरान कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में न तो प्रदर्शन कर सकेगा और न ही नारेबाजी या आंदोलन जैसी गतिविधियों में शामिल हो सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारी संगठनों पर भी लागू आदेश
यह आदेश केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी संगठनों पर भी समान रूप से लागू रहेगा। सिर्फ डयूटी पर तैनात अधिकारी,कर्मचारियों को इससे छूट रहेगी।
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें गिरफ्तारी और अन्य कानूनी प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
विरोध की आशंका से सहमा प्रशासन
संसद में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद बीजेपी शासित राज्यों में विशेष सत्र बुलाए जाने के निर्देश पार्टी हाईकमान की ओर से जारी किए गए।
इसका उद्देश्य यही है कि संबंधित राज्य उक्ताशय का संकल्प पारित कर लोकसभा को भेजें। ताकि इन्हें आधार बनाकर एक बार फिर केंद्र सरकार महिला आरक्षण संशोधित विधेयक संसद में पेश कर सके।
इसी माह संसद के विशेष सत्र में यह विधेयक 54 मतों से गिरने के बाद केंद्र की भाजपानीत सरकार को निराशा हाथ लगी। देशभर में विपक्ष ने जिस तरह बिल का विरोध किया।
इसे देखते हुए बीजेपी का डर है कि राज्य विधानसभाओं के विशेष सत्रों के दौरान विपक्ष इसका सड़कों पर विरोध कर सकता है। सूत्रों का दावा है कि इसी आशंका के चलते भोपाल में यह प्रतिबंध लागू किया गया।
शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और विधानसभा सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है।