जबलपुर।
पर्यटन की खुशियों के बीच अचानक बदले मौसम ने बरगी डैम में बड़ा हादसा कर दिया। नर्मदा नदी पर चल रहा पर्यटकों से भरा क्रूज गुरुवार शाम तेज आंधी की चपेट में आकर पलट गया।जिससे कई जिंदगियां एक झटके में खतरे में पड़ गईं।
कुछ ही मिनटों में मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौसम अचानक बिगड़ा और तेज तूफान ने क्रूज को संभलने का मौका नहीं दिया।
देखते ही देखते नाव असंतुलित होकर डूब गई। हादसे में अब तक 6 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। 15 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
घटना के तुरंत बाद SDRF की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा और लगातार बारिश बचाव कार्य में बाधा बनते रहे।
बड़े सर्च लाइट्स और रस्सियों की मदद से क्रूज को तलाशने और किनारे लाने की कोशिश जारी है।
हेलीकॉप्टर और विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है। रेस्कयू के लिए हैदराबाद से गोताखोरों की टीम बुलाई गई है।
सुरक्षा इंतजाम थे, पर समय नहीं मिला
क्रूज चालक के अनुसार, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद थीं, लेकिन तूफान इतनी तेजी से आया कि यात्रियों को उन्हें पहनने का मौका ही नहीं मिला।
बताया जाता है कि क्रूज करीब 20 साल पुराना है। इस हादसे ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों और आपात तैयारियों को लेकर सवाल कर दिए।
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि चेतावनी है कि प्राकृतिक जोखिम और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संतुलन कितना जरूरी है।
परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़
हादसे में एक ही परिवार के कई लोग सवार थे। कुछ को बचा लिया गया, लेकिन कई सदस्य अब भी लापता हैं, जिससे परिजनों में चिंता और दुख का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक,आयुध निर्माणी खमरिया के A3 सेक्शन में कार्यरत कर्मचारी कामराज आर्य परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने गए थे। कामराज के माता-पिता भी साथ में थे, लेकिन वह डैम के किनारे बैठे हुए थे। कामराज के साथ उनकी पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में घूमने गए हुए थे। कामराज मूलत: कर्नाटक के रहने वाले हैं। कामराज के एक बेटे को बचा लिया गया है। वहीं कामराज, उनकी पत्नी और बेटा अब भी लापता है।