वैष्णो देवी से लौटते श्योपुर के परिवार की कार बनी आग का ताबूत,6 मृत

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अलवर।
वैष्णोदेवी की यात्रा से लौट रहा मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले का एक परिवार कुछ ही पलों में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। यह हादसा बीती देर रात दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अलवर के लक्ष्मणगढ़ इलाके में हुआ। यहां तेज रफ्तार से दौड़ रही कार में अचानक आग लग गई।

कुछ ही सेकंड में आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि इसमें सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।जैसे-तैसे ड्राइवर ने कूद कर अपनी जान बचाई,लेकिन 80फीसद  झुलसने से आज सुबह उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पलक झपकते भड़की आग, बाहर निकलने का मौका नहीं मिला
बताया जा रहा है कि कार दिल्ली से कोटा की ओर जा रही थी, तभी इंजन से अचानक आग की लपटें उठीं। देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग की चपेट में आ गई।

कार में सवार लोग बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सके। आग बुझने के बाद वाहन में सिर्फ जली हुई हड्डियां ही बचीं।

मन्नत पूरी कर लौट रहा था परिवार
हादसे में जान गंवाने वाला परिवार मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव का रहने वाला था। वे जम्मू-कश्मीर स्थित वैष्णो देवी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे।

परिवार ने पार्वती (55) की बीमारी ठीक होने पर मन्नत मांगी थी,जिसे पूरा कर वे घर वापस आ रहे थे।  हादसे में पार्वती (55),संतोष (35),पत्नी शशि (30) (IN Photo)और बेटी साक्षी (9) की मौत हो गई। पांचवें मृतक की पहचान नहीं हो पाई है।

ड्राइवर ने अस्पताल में दम तोड़ा

कार चालक विनोद कुमार मेहर ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन वह करीब 80% तक झुलस गए। पहले स्थानीय अस्पताल और फिर जयपुर रेफर किए गए, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

सीएनजी से आग भड़कने की आशंका
पुलिस के मुताबिक, रात करीब 11:15 बजे हादसे की सूचना मिली और कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सीएनजी के कारण आग तेजी से फैल गई।

गांव में पसरा मातम
हादसे की खबर मिलते ही श्योपुर के चैनपुरा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। प्रशासनिक अधिकारी भी गांव पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। एक ही परिवार की यह त्रासदी न सिर्फ सड़क सुरक्षा, बल्कि वाहनों में सुरक्षा मानकों और आपात स्थिति में बचाव के उपायों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।