भोपाल
प्रदेश में अनुपयोगी सरकारी सम्पत्ति को बेचने से मिली राशि का पच्चीस फीसदी राशि अब उस जिले के विकास कार्यो के लिए खर्च की जाएगी और सरकारी खजाने में इस मद में जमा राशि का पचास प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार बिना ब्याज के कर्ज के रूप में उपलब्ध कराएगी। इसके लिए लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग ने लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन योजना लागू की है।
प्रदेश में अभी करोड़ों रुपए की अनुपयोगी सम्पत्ति पड़ी है। जिसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। इस सम्पत्ति को बेचकर आमदनी अर्जित करने के लिए राज्य सरकार के लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। इसमें परिसमापक की परिसम्पत्तियों से प्राप्त राजस्व का एक अलग बजट होगा और सम्पत्तियों की बिक्री से जो राशि प्राप्त होगी उसका पचास प्रतिशत राशि मध्यप्रदेश राज्य को पचास वर्षो के लिए बतौर ब्याजमुक्त कर्ज के रूप में उपलब्ध कराएगी। इसी तरह विभिन्न सरकारी महकमों जिनका परिसमापन हो रहा है। सहकारिता, सोसायटी, सार्वजनिक लोक उपक्रम, बोर्ड और अन्य संस्थाओं की परिसम्पत्तियों की बिक्री से प्राप्त होने वाली जो राशि राज्य के सरकारी खजाने में जमा की जाएगी।
यह होंगे समिति के पॉवर
जिला स्तरीय समिति को किये जाने वाले काम का निष्पादन एवं कार्यो की प्रगति का पर्यवेक्षण करने का अधिकार होगा। समिति लेखों का संधारण करेगी और प्रोत्साहन राशि का किसी एक विकास कार्य में उपयोग सुनिश्चित करेगी। मध्यप्रदेश राज्य परिसम्पत्ति प्रबंधन कंपनी की ओर से प्रदाय की जाने वाली प्रोत्साहन राशि तथा अन्य राशियां जिनको कि समय-समय पर राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया जाएगा एवं निधि में उससे मिलने वाला ब्याज शामिल रहेगा।
जिला स्तरीय समिति तय करेगी राशि का उपयोग
मध्यप्रदेश राज्य परिसम्पत्ति प्रबंधन कंपनी द्वारा अनुपयोगी सम्पत्ति को बेचने से प्राप्त राशि का पच्चीस फीसदी जो राशि जिलों के उपयोग के लिए दी जाएगी उसका क्या उपयोग करना है यह जिला स्तरीय समिति तय करेगी। समिति में जिले के प्रभारी मंत्री अध्यक्ष होंगे। कलेक्टर उपाध्यक्ष, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सदस्य सचिव होंगे और शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री सदस्य होंगे। समिति की बैठक साल में कम से कम एक बार की जाएगी। समिति की बैठक तभी हो सकेगी जब एक तिहाई सदस्य मौजूद हो।
बैंक खाते में जमा होगी राशि
लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन योजना हेतु जिला स्तर पर एक अलग से समिति का बैंक में खाता खोला जाएगा जो कंपनी के नोडल एकाउंट से जुड़ा रहेगा। सम्पत्ति बेचने के बाद प्राप्त राशि में से पच्चीस प्रतिशत राशि मध्यप्रदेश परिसम्पत्ति प्रबंधन कंपनी को लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग बजट मे माध्यम से देगा इसके लिए एक नया बजट मद भी बनेगा और इसी से जिला स्तर पर खोले गए खाते में राशि जमा होगी।















