भोपाल,Ravi Awasthi,(Janprachar.com)। मप्र की शेष आठ सीट इंदौर,उज्जैन,देवास,रतलाम,मंदसौर,धार,खरगोन व खंडवा के लिए चुनाव चौथे चरण में 13 मई को होना है..इनमें रतलाम,खरगोन व धार जहां आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं तो उज्जैन व देवास अनुसूचित जाति के लिए..
यानी आठ में पांच सीट दो विशेष वर्ग के लिए सुरक्षित हैं..आठों सीटों पर 74 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं..इनमें सर्वाधिक 14 प्रत्याशी उस इंदौर सीट से है जहां कांग्रेस प्रत्याशी की नाम वापसी ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया है..इंदौर में मुकाबले से बाहर हुई कांग्रेस की कोशिश अब यहां ज्यादा से ज्यादा वोट नोटा पर डलवाने की है..वहीं सबसे कम 5 उम्मीदवार खरगोन में हैं..जहां मुकाबला बीजेपी व कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है..
मालवा व निमाड़ की इन सीटों पर दिग्गजों के तूफानी जनसंपर्क ने चुनावी माहौल बना दिया है..लेकिन मौसम के मिजाज में आए बदलाव ने राजनीतिक दलों के साथ ही चुनाव आयोग की भी चिंता बढ़ा दी है..मौसम विशेषज्ञ मतदान तिथि पर मालवा व निमाड़ के कुछ हिस्सों में आंधी,पानी के आसार बता रहे हैं..बावजूद इसके सभी आठों सीटों पर मतदान अधिकाधिक कराने की साझा कवायद चौथे चरण में भी जारी है..
मप्र के लिहाज से इस अंतिम चरण में चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने निर्वाचन आयोग ने सभी आठों सीटों पर 18 हजार 7 बूथ तैयार किए हैं…जहां,इन संसदीय क्षेत्रों के 1 करोड़ 63 लाख 70 हजार 654 मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद करेंगे..
मुस्लिम मतदाता भी अहम
इनमें मुस्लिम मतदाता भी अहम है..दरअसल,मप्र में मुस्लिमों की कुल आबादी का करीब 72 फीसद मुस्लिम मतदाता इन्हीं संसदीय क्षेत्रों की 64 विधानसभा क्षेत्रों में निवास करता है..इनमें इंदौर व उज्जैन संभाग प्रमुख हैं..वहीं रतलाम,खरगोन व धार में मतदाताओं की बड़ी संख्या अनुसचित जनजाति वर्ग की है..यह वर्ग जिसके साथ रहा,जीत का ताज उसी के सिर सजा..जरूरत इस बात की है कि चौथे चरण में भी मतदान बढ़चढ़कर हो…
















