भोपाल(Janprachar.com)। मध्य प्रदेश में बिजली कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है। एस्मा लागू होने के बाद भी कर्मचारी हड़ताल पर गए है। जिसकी वजह से बिजली दफ्तरों में सन्नाटा पसरा है। वहीं कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से प्रदेश में ब्लैक आउट की स्थिति बन सकती है।
4 दौर की बातचीत और प्रदर्शन के बाद भी कोई हल न निकलने से कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। बिजली मुख्यालय गोविंदपुरा में कर्मचारी एकत्रित हुए है। कर्मचारियों की हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। सभी ऑफिसों में सन्नाटा पसरा है। इस बार कर्मचारी आर पार के मूड में नजर आ रहे है।
सरकार ने लगाया है एस्मा
बिजली कर्मचारियों के हड़ताल के ऐलान के बाद सरकार ने एस्मा लगाया है। ऊर्जा विभाग के तहत काम करने वाली सभी कंपनियों के संविदा और नियमित कर्मचारियों पर एस्मा एक्ट लागू किया गया है। अगले तीन महीने तक कोई कर्मचारी काम से इनकार नहीं कर सकेगा। एस्मा लगाकर हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी गई है।
ये है मांगे:
**ज्वाइंट वेन्चर एवं टीबीसीबी वापस लें।
**पेंशन की सुनिश्चित व्यवस्था, डी. आर. के आदेश, चतुर्थ वेतनमान के आदेश।
**सातवें वेतनमान में 03 स्टार मैट्रिक्स विलोपित किया जाये।
**संविदा का नियमितिकरण एवं सुधार उपरांत वर्ष 2023 संविदा नीति लागू करें।
**आऊटसोर्स की वेतन वृद्धि के साथ 20 लाख का दुर्घटना बीमा एवं रू. 3000/- जोखिम भत्ता करें।
**कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर कर मूल वेतन 25300/- से अधिक किया जाय, वर्ष 2018 के बाद के कनिष्ठ अभियन्ताओं की वेतन विसंगति दूर की जाये।
**उच्च शिक्षा प्राप्त कनिष्ठ अभियन्ताओं को सहायक अभियंता एवं कर्मचारियों को कनिष्ठ अभियंता की नियुक्ति हेतु नीति बनाई जाये। ट्रांसमिशन में आई. टी. आई. कर्मचारियों को क्लास 4 की जगह क्लास 3 में रखा जाये।
**अन्य मांगे जैसे सभी वर्गों की वेतन विसंगतियां, अनुकंपा नियुक्ति में मध्यप्रदेश शासन अनुसार नीतियों में सुधार, कैसलेस मेडिक्लेम पॉलिसी, गृह जिले में स्थानांतरण, संगठनात्मक संरचना का पुनर्निरीक्षण।
















