मध्यप्रदेश सरकार ने पहली बार अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाने का फैसला लिया है। इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को सस्ती दरों पर ठहरने और भोजन की सुविधा मिल सकेगी।
यह फैसला बुधवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने की।
सरकार देगी जमीन, समाज करेगा सेवा बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी गृह राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने दी। उन्होंने बताया कि शेल्टर होम योजना में सरकार सिर्फ जमीन उपलब्ध कराएगी।
जबकि निर्माण और संचालन सामाजिक संस्थाएं करेंगी। इसे सेवा भाव से संचालित किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों को राहत मिल सके।
स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश
अगले पांच सालों में मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाओं के विकास पर करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे इलाज की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
किसानों के लिए मुआवजे का नया फॉर्मूला
कैबिनेट ने जमीन अधिग्रहण मामलों में ‘फैक्टर-2’ लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना तक मुआवजा मिलेगा,जो बड़ी राहत मानी जा रही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर,सिंचाई,शिक्षा पर फोकस
राज्य में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 33 हजार करोड़ रुपए के प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं। वहीं उज्जैन क्षेत्र में 157 करोड़ की सिंचाई परियोजना से 35 गांवों को लाभ मिलेगा।
सरकार ने 6वीं और 9वीं के छात्रों को साइकिल वितरण के लिए 990 करोड़ रुपए खर्च करने का फैसला किया है। साथ ही शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास पर 1200 करोड़ रुपए लगाए जाएंगे।
सामाजिक योजनाओं को भी जारी रखा
बैठक में सीएम केयर योजना 2026 को अगले पांच सालों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। जिस पर 3628 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कैबिनेट ने पुनर्वास पैकेज के तहत छिंदवाड़ा जिले के लिए 128 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि मंजूर की है।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष सत्र
पटेल ने बताया कि नारी शक्ति वंदन के तहत महिला सशक्तिकरण को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी तैयारी है। जिससे इस दिशा में नई पहल की उम्मीद है।