आलोट में पटवारी की मौत से उठा तूफान: प्रशासन पर दबाव, नायब तहसीलदार मुख्यालय अटैच

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“रतलाम जिले के आलोट में पटवारी की आत्महत्या पर बवाल मच गया। आक्रोशित साथी पटवारियों ने बीती रात धरना दिया। प्रशासन पर दबाव बना तो प्रता​ड़ना की कथित आरोपित नायब तहसीलदार को जिला मुख्यालय अटैच किया गया।”

आलोट,रतलाम।

रतलाम जिले के आलोट में पटवारी रविशंकर खराड़ी की आत्महत्या के बाद मामला तूल पकड़ गया है।

गुस्साए पटवारी मंगलवार रात थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए।

देर रात से लेकर सुबह तक वे अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

पटवारियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए जिला कलेक्टर मिशा सिंह ने नायब तहसीलदार सुनीता राठौर(In Photo) को जिला मुख्यालय अटैच कर दिया है।

‘सुसाइड नोट को माना जाए बयान’

पटवारियों का कहना है कि मृतक द्वारा छोड़े गए पत्र को मृत्यु पूर्व बयान माना जाए।

उनका आरोप है कि साथी कर्मचारी ने अधिकारियों के दबाव में आकर यह कदम उठाया, इसलिए सीधे केस दर्ज होना चाहिए। पटवारी पूरी रात धरने पर बैठे रहे।

खबर मिलते ही थाना प्रभारी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन्होंने समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।

पटवारियों का तर्क था कि अगर आरोप किसी पटवारी पर होता, तो तुरंत कार्रवाई हो जाती, लेकिन इस मामले में ढील बरती जा रही है।

राजनीतिक समर्थन से बढ़ा दबाव

धरने में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और जयस से जुड़े नेता भी शामिल हुए। उन्होंने भी मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी।कहा – न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन होगा।

नायब तहसीलदार रतलाम मुख्यालय अटैच

कलेक्टर Misha Singh ने नायब तहसीलदार सविता राठौर को आलोट से हटाकर रतलाम मुख्यालय अटैच कर दिया है। हालांकि, निलंबन या केस दर्ज न होने से कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।

क्या है पूरा घटनाक्रम ?

पटवारी रविशंकर खराड़ी ने मंगलवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले सोशल मीडिया पर एक पत्र सामने आया था।

जिसमें खराड़ी ने नायब तहसीलदार सविता राठौर पर काम का दबाव बनाने व प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इसके चलते वह अपने भाई के शादी समारोह में भी शामिल नहीं हो सका।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक के परिवार में गर्भवती पत्नी, चार साल की बेटी और अन्य सदस्य हैं। छोटे भाई की शादी के बीच यह घटना होने से परिवार सदमे में है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि मांगें नहीं मानी गईं तो कामकाज ठप कर आंदोलन तेज किया जाएगा।