PM की अपील से पहले ही ‘सेवा सदन’ के डॉक्टर बने मिसाल

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हीरो लालवानी,संत हिरदाराम नगर,भोपाल।

(9425374930)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘कार पूल’ और ईंधन बचत की अपील अब देशभर में असर दिखाने लगी है, लेकिन भोपाल के सेवा सदन आई हॉस्पिटल के सात डॉक्टर इस सोच को वर्षों पहले ही अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके थे।

7 डॉक्टर, 1 कार…पर्यावरण संरक्षण का अनोखा मॉडल

जून 2022 से ये सभी डॉक्टर रोजाना अलग-अलग कारों की बजाय एक ही कार से अस्पताल आ-जा रहे हैं।

सीनियर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सपना प्रशांत श्रीवास्तव बताती हैं कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और प्रदूषण की चिंता को देखते हुए सभी डॉक्टरों ने मिलकर कार पूल शुरू किया था।

इसका फायदा सिर्फ ईंधन बचत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ट्रैफिक नियंत्रण और आपसी समन्वय में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला।

हर महीने बच रहा सैकड़ों लीटर ईंधन

डॉक्टरों के मुताबिक, इस पहल से हर महीने सात कारों का अनावश्यक उपयोग रुकता है, जिससे सैकड़ों लीटर पेट्रोल की बचत हो रही है। अस्पताल परिसर में वाहनों की संख्या कम होने से मरीजों और परिजनों को पार्किंग में भी राहत मिलती है।

सफर बना ‘मोबाइल मीटिंग’

डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल आने-जाने के करीब 40 मिनट के सफर में वे मरीजों के केस डिस्कस कर लेते हैं। साथ ही आपसी संवाद से टीम बॉन्डिंग भी मजबूत हुई है। पारिवारिक सुख-दुख साझा करने का समय भी इसी दौरान मिल जाता है।

‘मन की बात’ से मिला नया उत्साह

डॉ. श्रीवास्तव कहती हैं, “जब प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में कार पूल की अपील की, तब महसूस हुआ कि हमारी छोटी-सी पहल भी देशहित की बड़ी सोच का हिस्सा है। इससे हमें और प्रेरणा मिली।”

इन डॉक्टरों ने शुरू की पहल

इस कार पूल अभियान में डॉ. प्रेरणा उपाध्याय, डॉ. रश्मि आप्टे, डॉ. सपना प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. रोहिणी गद्रे, डॉ. दीपा रैदास, डॉ. सरिता कुमार, डॉ. सोनल गोरे और ड्राइवर चंदन शामिल हैं।

सेवा सदन आई हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने यह साबित कर दिया कि बदलाव की शुरुआत किसी बड़े अभियान से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी जिम्मेदारियों से होती है।