नारी शक्ति बिल पर सरकार को लगा बड़ा झटका, बहुमत के अभाव में बिल पास कराने में नाकाम

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नारी शक्ति बिल पर सरकार को लगा बड़ा झटका, बहुमत के अभाव में बिल पास कराने में नाकाम
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर माने जाने वाले महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लोकसभा में चर्चा और मतदान के बाद यह महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो सका। सदन में हुई वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया, जिसके चलते इसे असफलता का सामना करना पड़ा।

नहीं मिला दो तिहाई बहुमत
ओम बिरला ने कहा कि इस बिल पर विचार करने पर वोट विभाजन में हां के पक्ष में 298 और ना के पक्ष में 230 वोट पड़े। यह बिल दो तिहाई बहुमत से पास नहीं हो पाया। इसलिए इस बिल पर आगे की कार्यवाही पर निर्णय संभव नहीं है। यह बिल विचार करने के लिए पेश किए जाने के स्तर पर ही गिर गया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अन्य दो बिल आगे नहीं बढ़ाने का एलान किया।

पहले राउंड में बिल के पक्ष में पड़े 278 वोट
बिल के लिए पहले राउंड का मतदान पूरा हुआ। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग में कुल 489 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा लिया। बिल के पक्ष में 278 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 211 वोट हुए।

विपक्ष के कड़े रुख से थमी बिल की राह
सदन में चर्चा के दौरान बिल के विभिन्न प्रावधानों को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। वोटिंग के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया कि सदन का एक बड़ा हिस्सा वर्तमान स्वरूप में इस बिल को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं था। 230 सदस्यों द्वारा विरोध में मतदान किए जाने के बाद अब इस बिल का भविष्य अधर में लटक गया है।