नई दिल्ली।
महिला आरक्षण बिल पर संसद में चर्चा अब सिर्फ कानून तक सीमित नहीं रही, बल्कि ‘क्रेडिट’ की सियासत में बदलती नजर आ रही है।
PM नरेंद्र मोदी(Narendra Modi )ने जहां विपक्ष को खुला ऑफर देते हुए कहा कि वे इस बिल का पूरा श्रेय ले सकते हैं, वहीं विपक्ष ने इस बयान को राजनीतिक चाल करार दिया।
🔹 मोदी का ‘ब्लैंक चेक’ बयान बना चर्चा का केंद्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने कहा कि-महिला आरक्षण पर किसी को भी क्रेडिट लेने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं। “मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक देने को तैयार हूं”।
बिल से कोई राजनीतिक लाभ लेने की मंशा नहीं है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि परिसीमन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा।
🔹 विपक्ष का जवाब: ‘महिलाएं पहचानती हैं’
कांग्रेस महासचिव Priyanka Gandhi ने पीएम के बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं “बहकाने वाली बातों” को पहचानती हैं।
सरकार को सावधान रहने की सलाह दी। इससे साफ है कि मुद्दा अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है।
🔹 परिसीमन पर भी उठे सवाल
गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा-दक्षिण भारत की सीटें घटेंगी नहीं, बल्कि बढ़ेंगी। लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है।
वहीं,ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के असदउद्दीन औवेसी (Asaduddin Owaisi ) ने आशंका जताई
















