मप्र भाजपा : 47वें स्थापना दिवस पर संगठन विस्तार का बिगुल

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भोपाल//

भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संगठन की ताकत और भविष्य की रणनीति दोनों की झलक दिखाई दी।

कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मौजूद रहे।

17 जिलों में भवन बनाने वर्चुअली भूमिपूजन

इस मौके पर पार्टी ने 17 जिलों में नए कार्यालयों के निर्माण की औपचारिक शुरुआत की। भोपाल से वर्चुअली जुड़े नेतृत्व ने इन जिलों में भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित किया। यह कदम संगठन के जमीनी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

62 जिलों में अपने कार्यालय का लक्ष्य

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने घोषणा की कि पार्टी का लक्ष्य अगले स्थापना दिवस तक मध्य प्रदेश के सभी 62 जिलों में अपने कार्यालय स्थापित करना है।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ भवन निर्माण नहीं, बल्कि संगठन को और सक्रिय व सशक्त बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे कार्यालय

नए बनने वाले भाजपा कार्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, जिनमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और पुस्तकालय शामिल हैं।

इन पुस्तकालयों में पार्टी की विचारधारा और संगठन से जुड़ी किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से भी मजबूत किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान दिवंगत नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों का सम्मान भी किया गया। पूर्व विधायक स्व.रमेश शर्मा के परिवार को सम्मानित करते समय मुख्यमंत्री खुद मंच से उतरकर उनके पास पहुंचे। जिसने कार्यक्रम को भावनात्मक बना दिया।

यह ‘धुरंधर—2’ का दौर : सीएम यादव

इस मौके पर सीएम ने कहा कि भारत तीसरा देश बन गया है, जो अपने दुश्मनों को उनके देश में घुसकर मारता है, जो हमारे अपने देश के अंदर कष्ट देते हैं।

मोदी जी के माध्यम से धुरंधर 2 का समय चल रहा है, लेकिन हमें धुरंधर 1 का समय भी याद आता है। हमें मालूम है कि नकली नोट छाप-छापकर पाकिस्तान परेशान करता था। उस पाकिस्तान को भी क्या ठिकाने लगाया। यह असली धुरंधर का जमाना है।

अपनी परेशानियों का समाधान अपने पास ही है। जब समर्थ और सामर्थ्यशाली नेतृत्व होता है, तो सारे उलझे-सुलझे प्रश्नों का उत्तर मिलता है। तभी तो विक्रमादित्य बनारस में जाकर धर्म की जय-जयकार करते हैं।

नेताओं ने अपने संबोधन में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को याद करते हुए पार्टी की मूल विचारधारा पर चलने की प्रतिबद्धता दोहराई।