मप्र: भगोरिया के बीच पहली कृषि कैबिनेट 2 को बड़वानी में

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भोपाल।

मध्यप्रदेश सरकार जनजाति समाज के प्रसिद्ध भगोरिया मेले को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर पहचान दिलाने की कवायद कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट आगामी 2 मार्च को बड़वानी में होने के आसार हैं। जिला प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है।

बता दें कि दो दिन पहले ही सीएम डॉ मोहन यादव ने उक्ताशय की घोषणा सदन में की थी। निमाड़-मालवा अंचल में होली से पहले ​भगोरिया मेले का आयोजन होता है।

सरकार का इरादा भगोरिया को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की है। सीएम डॉ यादव ने भगोरिया के बीच ही आदिवासी अंचल में कृषि कैबिनेट किए जाने का भी ऐलान किया था।

2 मार्च को बड़वानी में बैठक प्रस्तावित
सूत्रों के मुताबिक,मोहन यादव सरकार की पहली कृषि कैबिनेट बैठक आगामी 2 मार्च को बड़वानी में होने के आसार हैं।

इसके लिए जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नागलवाड़ी को चुना गया है। मंत्रालय से कैबिनेट बैठक की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन बैठक की तैयारियों में जुट गया है।

भगोरिया हाट भी जाएंगे सीएम
सूत्रों के मुताबिक,कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव जुलवानिया के प्रसिद्ध पारंपरिक भगोरिया हाट में भी शिरकत कर सकते हैं। इसके बाद सीएम डॉ यादव का धार दौरा प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

कलेक्टर समेत मैदानी अमला सतर्क
बुधवार देर रात कलेक्टर जयति सिंह ने जुलवानिया और नागलवाड़ी का दौरा कर कार्यक्रम स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने जरूरी तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान  ये भी रहे मौजूद

कार्यक्रम स्थलों के मुआयने के दौरान जिला पंचायत सीईओ काजल जावला, प्रभारी एसपी धीरज बब्बर, एसडीओपी आयुष अलावा व आरआरडीए के जिला महाप्रबंधक अंकित  सहित मंदिर समिति के सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधि साथ रहे।

कलेक्टर जयति सिंह ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम पूरा करने को कहा गया है।

कैबिनेट बैठक को लेकर उत्साह
बीजेपी संगठन भी इस दौरे को लेकर काफी उत्साहित है। जिला अध्यक्ष अजय यादव ने मीडिया को बताया कि नागलवाड़ी भिलटदेव की नगरी है।

यहां कैबिनेट बैठक होती है, तो यह जिले के लिए गर्व की बात होगी। इससे क्षेत्र को नई सौगातों की उम्मीद जगी है।

वहीं, आदिवासी संस्कृति के प्रतीक भगोरिया हाट में मुख्यमंत्री की मौजूदगी को भी अंचल के लिए बेहद खास माना जा रहा है।