रवि अवस्थी,भोपाल।
मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को वर्ष 2026–27 का आम बजट पेश किया जाएगा। डॉ. मोहन यादव सरकार का यह तीसरा बजट कई कारणों से खास माना जा रहा है।
करीब 4.80 लाख करोड़ रुपए के अनुमानित आकार वाला यह बजट न सिर्फ प्रदेश की वित्तीय दिशा तय करेगा, बल्कि इसे राज्य के इतिहास का पहला पूर्ण डिजिटल बजट भी कहा जा रहा है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पारंपरिक ब्रीफकेस की जगह टैबलेट के जरिए बजट भाषण पढ़ेंगे।
बजट से एक दिन पहले सदन में आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति और प्राथमिकताओं का संकेत दे दिया है।
तीन साल की सोच: थ्री-ईयर रोलिंग बजट की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन सकता है जो थ्री-ईयर रोलिंग बजट पेश करेगा। इसका उद्देश्य विकास योजनाओं में निरंतरता और दीर्घकालिक वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना है।
नए बजट में आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना की स्पष्ट झलक देखने को मिल सकती है।
यह भी पढ़ें… मध्य प्रदेश विधानसभा में नई परंपरा–Click
किसान और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
सरकार वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में किसानों के लिए बड़े एलान संभव हैं।
कृषि अधोसंरचना और सिंचाई परियोजनाओं पर फोकस
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की पहल
महिला सशक्तिकरण योजनाओं के लिए बढ़ा आवंटन
लाडली बहना योजना और स्व-सहायता समूहों को अतिरिक्त संसाधन
सिंहस्थ 2028 के लिए प्रावधान
साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के लिए भी बजट में बड़ी राशि का प्रावधान संभावित है।
केंद्र से अपेक्षित 20 हजार करोड़ रुपए के बजाय केवल 1 हजार करोड़ के प्रावधान के बाद अब राज्य सरकार अपने संसाधनों से तैयारियों को गति दे सकती है।
कर्ज और घाटे के बीच संतुलन की चुनौती
प्रदेश पर बढ़ते कर्ज और राजकोषीय घाटे के दबाव के बीच इस बार बजट का वित्तीय खाका व्यापक परामर्श और सार्वजनिक संवाद के आधार पर तैयार किया गया है।
सरकार वित्तीय अनुशासन और विकास के बीच संतुलन साधने की कोशिश में है।
यह भी पढ़ें…विश्नोई बन सकते हैं मुख्य सचेतक, नहीं कर पाएंगे–Click
















