एक्सीडेंट में जान गंवाने वाले युवक अनीश अवधिया मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बिरसिंहपुर और युवती अश्विनी कोष्टा जबलपुर की रहने वाली थी। एक की डेड बॉडी 20 मई और दूसरे की 21 मई को उनके घर पहुंची।
पुणे। शहर के बहुचर्चित हिट एंड रन मामले में आरोपी किशोर ने घटना दिनांक की रात शराब पर पब में 48 हजार रुपए उड़ाए थे। इसके बाद रात 12 बजे वह शहर की महंगी होटल ब्लैक क्लब मैरियट पहुंचा। यहां फिर शराब पी,खाना खाया। रात दो बजे वह घर जाने होटल से निकला व दो सौ की रफ्तार पर कार दौड़ाते हुए बाइक पर जा रहे मप्र के इंजीनियर युवक—युवती को रौंद दिया।हादसे में युवक—युवती की मौत हो गई।
गत 18 मई की रात घटित यह हादसा तब चर्चा में आया जब जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के विद्वान न्यायाधीश ने निबंध लेखन व कुछ अन्य शर्तों के साथ जमानत पर रिहा कर दिया। इस फैसले व पुणे पुलिस की कार्यशैली की देशभर में थू—थू हुई । जनाक्रोश में लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर स्याही फेंकी। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को आरोपी को पुन:बोर्ड के सामने पेश किया।
वहीं किशोर को शराब पिलाने वाले पब का अवैध निर्माण भी जमींदोज कर दिया गया।
जनबल के आगे धनबल की हार
पुलिस ने अब आरोपी के पिता बिल्डर विशाल अग्रवाल,पब संचालक को भी आरोपी बनाया। इन्हें भी बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया।कोर्ट ने उसे 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने अब आरोपी किशोर का ब्लड टेस्ट भी कराया है।
वहीं FIR में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185- शराब पीकर गाड़ी चलाना यानी ड्रिंक एंड ड्राइव का चार्ज जोड़ा गया। यही नहीं,आरोपी किशोर के खिलाफ IPC की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने अब तक आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। FIR के मुताबिक, नाबालिग के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। यह जानने के बावजूद उसके पिता ने उसे लग्जरी कार चलाने दे दी। बिल्डर को यह भी पता था कि उसका बेटा शराब पीता है, फिर भी उसे पार्टी में शामिल होने की इजाजत दी।
पुलिस ने जिन अन्य 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें पुणे के कोजी रेस्टोरेंट के मालिक का बेटा नमन प्रह्लाद भूतड़ा, उसका मैनेजर सचिन काटकर, ब्लैक क्लब होटल के मैनेजर संदीप सांगले और उसका स्टाफ जयेश बोनकर शामिल हैं। इन पर नाबालिग आरोपी को शराब परोसने का आरोप है।
अवैध निर्माण पर चलाया बुलडोजर
प्रह्लाद भूतड़ा, सचिन काटकर और संदीप सांगले को 21 मई को कोर्ट में पेश किया गया था। तीनों को 24 मई तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। कोजी रेस्टोरेंट और ब्लैक क्लब होटल को सील कर दिया गया है। नगर निगम ने बुधवार को विभिन्न पब और बार के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया।
पिता और बड़ा कलाकार
बेटे के एक्सीडेंट की खबर सुनने के बाद बिल्डर विशाल अग्रवाल ने पुलिस से बचने के लिए भागने का प्लान बना लिया था। पुलिस को गुमराह करने के लिए वह अपनी कार घर से लेकर निकला और ड्राइवर से मुंबई जाने के लिए कहा। उन्होंने दूसरे ड्राइवर को अपनी दूसरी कार से गोवा जाने के लिए कहा।
विशाल मुंबई जाने के दौरान बीच रास्ते में कार से उतर गया। इसके बाद वह छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जाने के लिए एक दोस्त की कार का इस्तेमाल किया। पुलिस के मुताबिक, विशाल अग्रवाल ने गुमराह करने के लिए ही कई कारों का इस्तेमाल किया। उसने एक नए सिम कार्ड का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया था, ताकि उसका नंबर ट्रैक न हो सके।
जब पुलिस को जानकारी मिली कि वह अपने दोस्त की कार में है, तो उन्होंने GPS के जरिए गाड़ी को ट्रैक करना शुरू कर दिया। पुणे क्राइम ब्रांच की एक टीम ने CCTV कैमरों के फुटेज का उपयोग करके विशाल अग्रवाल की पहचान की। आखिरकार, 21 मई की रात संभाजीनगर के एक लॉज में छापेमारी कर पुलिस ने विशाल और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
















