नई दिल्ली।
NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को संसद की स्थायी समिति की बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों को सांसदों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। बैठक में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह का यह बयान विवादों में आ गया कि “NEET का पेपर NTA के सिस्टम से लीक नहीं हुआ।”
सूत्रों के मुताबिक, सांसदों ने सवाल उठाया कि यदि पेपर एजेंसी के सिस्टम से बाहर नहीं गया, तो फिर लाखों छात्रों की परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की नौबत क्यों आई। इस सवाल पर NTA अधिकारियों के जवाब संतोषजनक नहीं माने गए।
जांच के घेरे में NTA से जुड़े लोग
पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI अब तक 10 आरोपियों को हिरासत में ले चुकी है। इनमें तीन प्रोफेसर भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो NTA के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े थे।
शुरुआती जांच में नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से पेपर बाहर आने की आशंका सामने आई थी। ऐसे में बड़ा सवाल यही कि पूरी प्रक्रिया NTA के तंत्र से ही संचालित होती है। ऐसे में एनटीए जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
23 लाख छात्रों पर पड़ा असर
NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए।
7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। अंततः 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।