वफा खुद से नहीं होती….मुख्य चुनाव आयुक्त का शायराना अंदाज

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नईदिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को चुनाव कार्यक्रम घोषणा के दौरान देश के हालात पर भी चार शेर बयां किए। उनका यह शायराना अंदाज लोगों को बहुत भाया। पेश हैं उनके चार शेर जो मीडिया की सुर्खियां बनें।

1.ईवीएम पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपना खुद का गढ़ा शेर सुनाते हुए कहा कि

अधूरी हसरतों का इल्जाम
हर बार हम पर लगाना ठीक नहीं
वफा खुद से नहीं होती,
खता ईवीएम की कहते हो

2.उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान परस्पर तंज कसने वाले नेताओं के लिए  बशीर बद्र का शेर सुनाया..

दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों

3.इसके बाद ताजा राजनीतिक हालात को लेकर कहा कि आजकल दोस्त व दुश्मन जल्दी—जल्दी बदल रहे हैं..इसे लेकर उन्होंने रहीम का दोहा सुनाते हुए कहा कि

रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो छिटकाय
टूटे से फिर न मिले, मिले गाँठ परिजाय॥

4.चौथा शेर उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स के लिए उन्होंने बशीर बद्र का शेर बोलते हुए कि,

‘झूठ के बाजार में रौनक तो बहुत है…गोया बुलबुले जैसे तुरंत ही फट जातें है, पकड़ भी लोगे तो क्या हासिल होगा सिवाय धोखे के.’