भोपाल। पीपुल्स ग्रुप के भोपाल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत सर्चिंग की कार्रवाई की है। कार्रवाई पीएमएलए एक्ट के तहत की गई है। सर्च ऑपरेशन के दौरान 8 लाख रुपए कैश और दस्तावेज मिले हैं। पीपुल्स ग्रुप के खिलाफ ईडी को शिकायत मिली थी। फिलहाल सर्चिंग जारी है। ईडी ने ट्वीट कर यह जानकारी शेयर की है।
शिकायत के आधार पर जांच शुरू
ईडी ने कंपनी रजिस्ट्रार, ग्वालियर द्वारा दायर शिकायत के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप लगाया गया है कि पीपुल्स जनरल हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, पीपुल्स इंटरनेशनल एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और पीजीएच इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों ने पदों का दुरुपयोग किया। बताया जा रहा है कि संबंधित संस्थाओं को शून्य या कम ब्याज दरों पर रुपए दिए जाते हैं। साथ ही, 250 करोड़ से अधिक का कर्ज दिया गया। इससे शेयरधारकों को नुकसान होता है। संबंधित संस्थाओं को गलत लाभ होता है।
साल भर पहले भी मारा था छापा
इससे पहले, साल 2022 में भी पीपुल्स ग्रुप पर फॉरेन फंडिंग में गड़बड़ी के आरोपों की जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सर्चिंग की थी। टीम ने पीपुल्स ग्रुप के कॉलेज, न्यूज पेपर के ऑफिस समेत अन्य ठिकानों पर दबिश दी थी।
इन लोगों के नाम रजिस्टर्ड हैं कंपनियां
सावित्री देवी विजय, सुरेश नारायण विजय, राम विलास विजय, रुचि विजयवर्गीय, रोहित पंडित, अंबरीश शर्मा, नेहा विजयवर्गीय, अशोक कुमार खुराना, अभय पाटीदार, मयंक विश्नोई, इश्ताक हुसैन सिद्दीकी, पंकजा कुमारी सिंह के नाम से कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। इनमें अधिकतर में विजयवर्गीय परिवार के सदस्य डायरेक्टर हैं।