पन्ना :हीरे की चकाचौंध में काले कारोबार की आशंका

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पन्ना(Janprachar.com)। मध्यप्रदेश की धरा रत्नगर्भा है। विशेषकर पन्ना जिले की धरती वर्षों से हीरे उगलती रही है। इसने अनेक लोगों की किस्मत बदली,लेकिन हीरे की चकाचौंध के बीच अब काले कारोबार की की आशंका भी जताई जा रही है।

बीते दो साल में नोयडा के एक कारोबारी को लाखों रुपए मूल्य के 11 हीरे मिलने से यह आशंका और बढ़ गई है। इस काले कारोबार में पन्ना हीरा कार्यालय की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

सूत्रों के अनुसार,नोयडा के एक कारोबारी ने वर्ष 2021 में पन्ना जिले के जरुआपुर गांव में एक खदान हासिल की। बताया जाता है कि कारोबारी को इस उथली खदान में ही उक्त हीरे मिल चुके हैं। इस कारोबारी की फर्म को हाल ही में उक्त खदान से करीब 8 कैरेट वजन का हीरा मिला। इसकी कीमत लगभग 35 लाख रुपए होना बताई जा रही है।

दूसरी ओर अनेक लोग वर्षों से खदान में खुदाई का कारोबार कर रहे हैं,लेकिन उनकी किस्मत नहीं बदली। इसके चलते क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ बाहरी कारोबारी पन्ना खदान की आड़ में दो नंबर के हीरों का एक नंबर में बदलने का काम कर रहे हैं। इस खेल में पन्ना हीरा कार्यालय की मिलीभगत के भी संकेत हैं।

चोरी गए हीरे का सुराग नहीं
हीरा जिला कार्यालय से करीब छह माह पहले चोरी गया करीब डेढ़ करोड़ रुपए कीमत के हीरे व इसे चुराने वाले का सुराग अब तक नहीं लगा है। यह हीरा दहलान चौकी की एक खदान से वहां खुदाई कर रहे मजदूर को मिला था। इसे देखने के लिए खेत मालिक ने लिया और इसके बाद 30 से 32 कैरेट का यह हीरा गायब हो गया। इस मामले में त्वरित प्रतिक्रिया जता कर जांच की बात कहने वाले अधिकारी भी अब चुप्पी साधे हुए हैं।

नियम विरुद्ध खुदाई
हीरा खनन के लिए दस ​फीट तक खुदाई करने का ही प्रावधान है,लेकिन इसके उलट जिले में कई जगह 20 से 40 फीट तक खुदाई का काम जेसीबी की मदद से किया जा रहा है। इससे जिले का भौगोलिक स्वरूप बदल रहा है। वहीं जमीनों में बड़े गड्डे पैदा हो गए हैं। पन्ना जिला अधिकारी कार्यालय द्वारा समुचित निगरानी नहीं होने से यह खेल धड़ल्ले से जारी है।