
शमशाबाद विदिशा जिले में स्थित 5 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है..शमशाबाद शहर स्वयं सागर लोकसभा सीट का हिस्सा है,लेकिन विदिशा जिले से भी इस सीट का गहरा नाता है..इस जिले की तीनों तहसील शमशाबाद,नटेरन व विदिशा के सभी 296 गांव इसका हिस्सा हैं..करीब 1लाख 94 हजार मतदाताओं वाले इस विधानसभा क्षेत्र में चुनाव के वक्त सवा दो सौ से अधिक मतदान केंद्र बनाने होते हैं..शमशाबाद वर्ष 1977 में अस्तित्व में आई..इससे पहले यह क्षेत्र बासौदा और विदिशा विधानसभा में आता था..अलग विधानसभा क्षेत्र बनने से लेकर अब तक यहां हुए 10 आम चुनाव में कांग्रेस सिर्फ एक बार जीत हासिल कर पाई..शेष 9 बार बीजेपी या इसके पूर्ववर्ती संगठन ही अपना परचम फहराते रहे..
अलबत्ता वर्ष 1998 के चुनाव में क्षेत्र में अपना प्रभाव रखने वाले रुद्रप्रताप सिंह निर्दलीय चुनाव लड़कर विधायक चुने गए..
शमशाबाद विधानसभा क्षेत्र में चुनाव को लेकर फिर सरगर्मियां तेज हैं…। भाजपा इस सीट पर काबिज होने की पूरी कोशिश कर रही है। अगले चुनाव में टिकट को लेकर मौजूदा विधायक राजश्री की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है..लेकिन उनके अलावा पूर्व मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा भी सक्रिय हैं..वहीं कांग्रेस की पराजित प्रत्याशी ज्योत्सना यादव भी सतत रूप से भ्रमण कर मतदाताओं से संपर्क में जुटी हुई हैं…कांग्रेस की ओर से ज्योत्सना पुनः टिकट के लिए प्रयासरत हैं.. इससे पहले वह दो बार चुनाव लड़ीं लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा ..
शमशाबाद में बायपास मार्ग की मांग एक बडा मुददा रही है.. बताया जाता है कि राज्य सरकार ने यहां बायपास मार्ग स्वीकृत कर दिया है..इसका निर्माण शुरु होना प्रस्तावित है…जातिगत समीकरण की बात की जाए तो वर्ष 2018 के चुनाव में कुशवाहा समाज से नारायण सिंह कुशवाह ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार करीब 6 हजार मत हासिल किए..